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(आभार राजस्थान पत्रिका)

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जयमल अर पत्ता
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जनमेजय जी
राव जोधाजी
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भाटी जैसलजी
खिज्र खां जी
किशनसिंह जी राठौड
महारावल प्रतापसिंहजी
रतनसिंहजी
सूरतसिंहजी
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उम्मेदसिंह जी
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मारवाड़ी विवाह गीत

संकलन- श्रीमती सुगनीबाई बोहरा, श्रीमती कंचनबाई गादिया

180 बधावो
आज तो बधावो राजा अश्वसेन रे दरबार रे
आज तो बधावो राजा सीद्धार्थ रे दरबार रे
आज तो बधावो राजा वीश्वभूती रे दरबार रे
वामा देजी बेठो जाय पारस कुमार रे
त्रीशला देवी बेठो जाय महावीर सामी रे
पृथ्वी देजी बेठो जायो गोतम सामी रे
पावा पूरी में उछब होवे बोले जय जय कार रे
फलोदी में उछब होवे बोले जय जय कार रे
धननन धननन घण्डा बाजे देव करे थई कार रे
इन्द्र इन्द्राणी मगल गावे लावे मोती माल रे
चन्दन चरची पाये लानु प्रभुजी जीवी चीरम काल रे
तीर्थकर उबा दानज देवे बरसे आखण्ड धार रे
गाँव नगर पूर पाठन देवे देवे मणी भण्डार रे
हाथी देवे साथी देवे देवे रथ दूकार रे
हीर चीर पीताम्बर देवे देव सभी सीणगार रे
तीन लोक में दीन घर प्रगटयो घर घर मंगला चार रे
केवल कमलारूपनीरंजन आदेश्वर दयाल रे

181 चून्दडी
(कलेवा पहले है सो देख लेना वही गाना)
चून्दडीयां री नवली नवली भांतो के
माहे दोवो दाडमो जी चूडनालीर नवली 2 भांत के
माहे छाप छपीलो जी
सूरज जी ओ थारे ड राज के
राना दे ओढे चून्दडी जी
चन्दन माजी ओ थारी डे राज के
रानी दे पेरे चूडला जी
उखेलू तो कीरण भलेरी सबटू तो सल पडे जी
चारूई पला ढल कता मेलो  काशव जी री कूल बहूजी
चून्दडीयां री नवली नवली भांतो के
माहे दीवो दाडमो जी
दादोसा ओ थारो डे राज के सायर दे ओढे चून्दडी जी
बाबोसा ओ थार डे राजा के लाडम दे ओढे चून्दडी जी
काकोसा ओ थारो डे राज के काकीसा पेरे चूडला जी
उखेलू तो किरण भलेरी सवटू तो सलपडेजी
चारूई पल्ला ढलकलो मेलो दादोसा री कूल बहू जी
चून्दडीयां री नवली नवली भांतो के
माहे मेन्दी मोलीयां जी
वीरोसा ओ थारो डे राज के भावंज ओढे चून्दडी जी
मामोसा ओ थारो डे राजा के मामोसा पेरे चूडला जी
उखेलू तो मेन्दी घणएरी तो सवटू तो सल पडेजी
चारूई पल्ला ढलकन्ता मेलो बाबोसा री कूल बहू जी
चारूई पल्ला ढलकन्ता मेलो नानोसा री कूल बहुजी
चारुई पल्ला ढल्कन्ता मेलो वेवाया कूल बहू जी

182 मेन्दी
मेन्दी तो वाय रंग मालेव जी कई मेन्दी नो रंग गुजरात रे
मेन्दी रंग लागे
नेनो देवरीयो लाडलो जी कई लायो मेन्दी ने डाल रे।।में।।
पीस कूठी ने भीयो बाटको भाभी माण्डो तभारा हार रे
हाथ माण्डी देवर सू करू मारा नीरखणा वाला परदेश रे। में।
पेलो कागदीयीयो ए हवी लीख्यो थारा वीर परणीजे घरे आय रे
बीर परणे तो भले परणीजो तूमे लीजो नी मोठी जान रे।मेदी।
दूजो कांगदीयो एवो लिख्यो थारी बेन परणीजे घर जाय रे।मेंदी।
बेन परणो तो भले परणीयो देवो जी दूवड भांत रे।।मेन्दी।।
तीजो काग्दीयो एवो लिख्यो थारा माताजी रूस्या जायर  े।मेंदी।।
माता रूसे तो भले रूसजो तूमे लीजो जी बहुत मनाय रे।मेंदी।
चोथो कागदीयो एवो लीख्यो थारी गीरी पीहर चली जाय रे।में।
एलो सरकारी थारी नौकरी मारी गोरी पीहर चाली जाय रे।में।
रेल्या बेसी घर आवल्या कई धोरी (लाडी) ने पास रे।।मेंदी।।
रात्या पडी मेलाय पोडया नीरख्या घोरो ना हाथ।।मेंदी।।
एवो नीरख्या भले आवतो आंवतो तन्थ सार रे
।।मेंदी रंग लागे।।

183 बीयाणा
चोढो चोकूठो छवलो उजलो
जठे ढाली नवरंगी सेज।।हर बोलो बीयाणा रलीयाँमणा।।
वे तो जठे दादोसा पोढीयां ज्याने आई है शूख मर नीेद।।हर।।
जठे जाय बाबोसा पोढीयां ज्याने आई है शूख मर नीद।।हर।।
जडे जाया दादीसा जगाबीया जागो जागो बाईसा रा वीर।।हर।।
जठे जाय माताजी जगाबीयाँ जागे जागे बाईसा रा वीर।हर।।
भावा में घर रा गीत गावे
राजा जागो तो पेवा सवाँर लो थारे पेचा पे हीरा मोती लाल।।हर।।
राजा था घर सूथा नहीं रज था घर पोतीयाँ रो ब्याव।।हर।।
रपाजा था घ सूथा नहीं सजे था घर धीवडला रो ब्याव।हगर।
चोढो चोकूठो छवलो उजलो जठ ढाली न
जठे ढाली नवरंगी सेज।।हर बोलो बीयाणा रलीयांमणा।।
जठे जाय काकोसा पोढीया जाने आई है सुख झर नींद।।हर
जठे जाय वीरोसा पोढीयाँ जाने आई है सुख भर नींद।।हर
जाने जाय काकीसा जगावीयां जागो 2 बाईसा रा वीरा।।हर
जाने जाय भाभीसा जगावीयां जागो-2 बाईसा रा वीरा।।हर
राजा जागो तो पेचां सवारलो थारे पेचा पे हीरामोती लाल।हर
राजा था घर सूथा नहीं सजे था घ भतीज्यां रो ब्याव।हर
राजा था घर सूथा नहीं सजे था घर बेनडली रो ब्याव।।हर

183 दूध भर गागर
तू तो दूध भर गागर लाय।।  ए राजा राम रे कलाला
आ तो ओ दूध मूरज जी ने पाँय। ए लराजा राम रे कलाला
ओ तो दूध दादोसा ने पाँय। ए राजा राम रे कलाल।।
ए तो कूल माँय करशी उजाए।। राजा राम रे कलाल।।
ए तो दादोसा बडा रे दाता ए। राजा राम के कलाल।।
ओ तो दूध भर गागर लाय।।ए राजा राम रे कलाल।।
ओ तो ओ दूध बाबोसा ने पाय।।ए
ओ तो ओ दूध काकोसा ने पाय।। ए
ओ तो ओ दूध बोरोसा ने पाय। ए
ए तो भाई भाई देशी ब्याव मंडाय।। ए
ए तो वीरोसा पेरावणी पेराय। ए
ओ तो दूध भर गागर लाय ।। ए
ओ तो दूध भर गागर लाय ।। ए
ओ तो दूध मामोसा ने पाय ।। ए
ओ तो दूध भूरोसना ने पाय।। ए
ओ तो दूध जमाइया ने पाय।। ए
ए तो मामोसा मूसालो पेराय।। ए
ए तो जमाई बड़ा रे दातार ।। ए
ए तो बारी माता ने देशी दान।। ए

185 बधावो
गढ़ गीरवर सू मुनिवर उतर्यां मूमत गुमत घर आप
सजनी मोरा देजी जायो हे पूत
।।बधावो राजा ना भरे दरवार।।
तेडो जी सेवक रो बठो नगर बधाई मेलो
तेडो जी सेवक री बेठो आँगण गार गलाय
सजनी मोतीडारा चोक पुराय।।बधावो राजा ना भरे।।
तेडो जी कुम्भारर्यां रो बेठो कुम्भ कलश ले आय
तेडो जी ढोलीडा रो बेठो आँगण ढोल बजाय
।।सजनी शेवा देजी जायो है पूत बधावो राजा नाभरे दरबार।।
तेडो जी दर्जी रो बेठो सूवा दडी ले आय
चार सखी तो मिलकर आयी मूखडे कोई न बोले
सजनी चालोनी अपाने घरे जांय।।बधावो राजा नाभरे
हाथां मेंदी पग पावय्या नखमू खोले कीवाड़
सजनी वामा देजी लूल लागा पाय।।बधावो राजा नाभरे।।
नाभी राजा जी छोवटे चाल्यां चून्दड चार मोलाय
सनजी सघला रे शीश ओढाया।।बन्धावो राजा नाभरे
नाभ राजाजी चवटे चाल्यां चूडला चार मोलाय
सजनी सघला रे बाँस पेराय। बन्धावो राजा नाभ रे दरबार।
नाभ राजा जी चवटे चाल्या कुंकू घणो मोलाय
नाभ राजा जी चवटे चाल्या मोल्य धणी मोलाय
सजनी सघा रे तीलक करय।।बधावो राजा
सजनी सघला रे शीश गुंथाय।।बधावो राजा
नाभ राजा जी चोवटे चाल्या मेन्दी घणो मोलाय
नाभ राजा जी चवटे चाल्या चूडला चार मोलाय
सजनी ू सघला रे हाथ रचाय।।बधावो राजा
सजनी सघा रे बाँस पेराय।।बधावो राजा
हसीयां रमीया खेल्या कुदया अबे मने
घरे पहुंचाय सजनी अबे मने धराई पहुचाय।।बधावो राजा
नाभ राजा जी चवटे चाल्याँ छाबा चार मोलाय
नाभ राजा जी चवटे चाल्यां वाहन चार मोलाय
सजनी सघला ने बेठ जीमाय।।बधावो।।
सजनी सघला ने बेठ पहुंचाय।।
बधावो राजा नाभ रे दरबार
(इसके बाद माँगडला गाबना सी आगे है)

186 बधावो
माली पूछे बातडी मालण थे सीद्ध चाल्या जाय
जासा आदीनाथजी रे द्वार जासा नेमीनाथजी रे द्वारा
बान्तूली बान्दर वाल।।बधावो आदीनाथ रो।।
पेली बान्धू ओदरे ने दूजी साल दूसाल
तीजी राय रसोवडे चोथे आदीनाथजी रो पोल।।बधावो।।
चोथे नेमीनाथजी रो पोल चोथे शान्तीनाथजी री पोर।।बधावो।।
माली पूछे बातडी मालण थे सीद्ध चाल्यां जाय
जासा पारसनाथजी रे द्वार जासा महावीर सामीजी रे द्वार
बान्दूलो बान्दर वाल।।बधावो महावीर स्वामी रो।।
पेली बान्धु ओवरे दूजे साल दूसाल
तीजे राय रशोवडे ने चोथे पारसनाथजी री पोल।।बधावो।।
चोथे महावीर स्वामीजी री पोल।।बधावो आदीनाथ रो।।

187 घर री कलेवो
केसर भर्यो वाटको ने फूला भरी पराताजी
आवो नी आदेश्वर री राण्या देव पधार्या जात जी
आवो नी नेमीश्वर री राण्या देव पधार्या जात जी
जावो नी शान्तीनाथ जीरो राण्या देव पधार्या जात जी
माया ने तोआदेर देजो गले फूला री माल जी
आग्ण्ये तो जाजम ढालो बेसण्यो दीराय जी
जल भर झारी ने केलूरा दातण दातव्या कराया जी
फीणा तो रोठी ने लूणी री जबको कलेवो कराय जी
खाजा लाडु सरस जलेबी जीमण्या दीराय जी
लूंग सूपारी ने पान फेरा बीडला मूछण्या कराय जो
हींग लू तो ढोल्यो ने सावतु री सेज पोढण्या कराय जी
कचीयो कूँकूने छोका चावल्या तीलवयां करावो जी
जरीकस जामा ने पेचा केसरीया सीर पांवा कराय जी
लीली तो घोडी ने लाल पीलाणो परण पधार जी
केसर भर्य वाट कोने फूला भरी परात जी
आवोनी पारसनाथ जीरी राण्या देव पधार्या जात जी
आवोनी महावीर स्वामी जी री राण्या देव पधार्या जात जी
आया ने तो आदर देजो गले फूला री माल री
आरण्ये तो जाजम ढालो देसप्यो दीराय जी
जल भर झारी ने केलूडा दांतण दातण्या कराय जी
फीणा तो रोठी ने लूणी रो लाचको कलेवी कराय जी
खाजा तो लाढू सरस जलेबी जीमण्या दीराण्या जी
लूँग सूपारी ने पान केरा बीडला मूछणया कराय जी
हींगलूतो तो ढोल्यो ने सावुटी री सेजा पोढण्या कराय जी
कचीयो तो कूँकू ने छोका चावल्या तील्कया कराय जी
जरी कस जामा ने पेच केसर्या सीर पांवा कराय जी
लीली तो घोडी ने लाल पीलाणो परण पधार जी

188 मेन्दी
वीनीता रे रावल बीचले चोक मरूदेवी मेन्दी मडांवीया
गीरनाल्या रे रावल बीचले चोक शेवदेवी मेन्दी मडांवीया
हतणापूरी रे ररावल बीचले चोक शेव देवी मेन्दी मडांवीया
वीणजी वीणजो केसर ने कपूर
दया धर्म रा दोय डो ़ला जी
फलोदी रे रावल बीचले चोक वामा देवी मेन्दी मडांवीया
पावांपूरी रे सवप बीचले चोक त्रीशला देवी मेन्दी मडांवीया
वीणजो वीणजो केसर ने कपूर
दया धर्म रा दोय जोडला जी

189 बधावो
सून सून रे भरत मारी सूनो रे माला लाल
।।रोबन कब आसी।।
सूना लागे छे मोलने माल्या मारा मनडा रो बाग सवाय
।।बंधावो मारे आंगणो.।। माता मोरा देजी देजी भरत ने केवता
थे तो जाय खबर जठ ला।।बधावो मारे आंगवे।।
रीखब आज बागा मायं उर्तया
माता मोरा देजी न हर्ष न माय।।बधावो मारे आंगणो।।
मारे आज सोना रो सूरज उगीयो
माता गजपर चडीयां जाय।।बधावो मारे आंगणे।।
अब तो बोल आदेश्वर लाडला
मासू तो दूख सहयो रे न जाय।।बधावो।।
गज हस्ती खढा छे सूना साल में
धारी राण्या रोवे दिन रात।।बधावो।।
स्वामी आप तीरीटा ने ओरा ने तारजो
माने मोक्ष मार्गीयो बताय।।बधावो मारे आंगणे।।
190 चून्दड मेन्दी चूडो
घर का गीत में लेवो पीली वालो गावणो
कांच वाबल री बाबडी रसीया लूगडो हारी बाटके मोज करो रसीया
जठे दादोसा पग धोरसीयां
आवे दादसी ने हंस के मोज करो रसीया
जठे बाबोसा पग धोवे रसीयां
आवे माता जीने हंस के मोज करो रसीयां
भई भई मेन्दी मोली मोलवे रसीयां
(बान्दो) छोटो भया केरी बेन के मोज करो रीसयां
कांच काबल री बावपडी रसीया
लूँग डोडजारी वाड के मोज करो रसीयां
जठे काकोसा पग धोवे रसीयां
आवे सायर देने हंस के मोज करो रीसयां
जठो वीरोसा पग धोवे रसीयां
आवे लाडम देने हंस के मोज करो रसीयां
भई भई चूडा चून्दड मोलवे रसीयां
आडो भया केरी बेन के मोज करो रसीया
कांच कावल री वावडी रसीया
लूँग डोरा री वाड के मोज करो रसीया
जठे मामोसा पग धोवे रसीया
आवे मामीसा हुंस के मोज करो रसीया
जठ भुरोसा पग धोवे रसीया
(बेनोरा) आवे बूभासा ने हुंस के मोज करो रसीया
जठ साडु साडू पग धोवे रसीया
आवे बेना बेना ने हुंस के मोज करो रसीया
साडु साडु पायल मोलवे रसीया
थे तो पेरो नाचो भया केरी बेन के मोज
साडु साडु छाबा मोलवे रसीया )बीडाल मोलबः
(चाबी थेती जीमो भया केरी बेन के मोज करो रसीया)

191 चोबीसी
पेला रीखब नाथ दूजा अजीत नाथ
इग्ण्या सम्भव नाथ वान्दु जीन राय जी
चोथा अभीनन्दन नीत उठ वान्दु
पांचमा सूतमी नाथ छठा पद्य प्रभु
सातमा सूपार्श्व नाथ वान्दु जीन राय जी
आठमा चन्द्र प्रभु नीत उठ वान्दु
ऐरे मेरे गुण घर वीस बीहरमनि
अनन्त चोबीसी ने वान्दु जीन राय जी
गरवा गोतम स्वामी नीत उठ वान्दु
नवमा सूवधी नाथ दशमा शीतल नाथ
इग्यारमा श्री हंस वान्द जीन राय जी
तेरमा वीमलनाथ नीत उठ वान्दु
चवदमा अनन्नत नाथ पंदरहमा धर्मीनाथ
सोलहमा शान्तीनाथ नीत उठ वान्दु
ऐरे मेरे गुण धर वीस वीहर मूनी
अनन्त चोवीसी ने वान्दु जीन राय जी
गरलवा गोतम स्वामी नीत उठ वान्दु
सत्रहमा कून्थ नाथ अठारहमा अरीहन्त
उगनीसमा मलीनाथ वान्दु जीन राय जी
वीशमा मूनी सूव्रत नीत उठ वान्दु
इकीसमा नेमीनाथ बाइसमा रेठी नेमी
तेइसमा पारसना नाथ वान्दु जीन राय जी
चोवीसमा महावीर स्वामी नीत उठ वान्दु
ऐरे मेर गुण धर वीस वीहर मुनी
अनन्त चोवीसी ने वान्दु जी न राय जी
गारवा गोतम स्वामी नीत उठ वान्दु

192 चोवीसी
पेली रीब नाथ वान्दु जीन राय
दूदा अजीतनाथ दीन दयाल
इग्ण्या सम्भव नाथ वान्दु जी न राय
चोथा अभीनन्दन दीन दयाल
पांचमा सूतमी नाथ वान्दु जीन राय
छठा पद्यप्रभु दीन दयाल
सातमा सूपार्स्व नाथ वान्दु जीन राय
आठमा चन्द्र प्रभु दीन दयाल
उग्रसेन री लती ओ उग्रसेन री लली
नेम वन्दन गीरनार चली
उगो उगो चन्द्रमा छीटक गई रात
अजू अन हुवो मन केवल ज्ञान
दयावान गजरो संतोष की घडी
जुद्ध मन शील पालो आज की घडी।।अग्रसेन।।
नवमा सूवधी नाथ वान्दू जीि न राय
दशमा शीतल नाथ दीन दयाल
इग्यामा श्री हंस वान्दु जीन राय
बारमा वासू दूज्या दीन दयाल
तेरमा वीमल नाथ वान्दु जीन राय
चवदमां अनन्त नाथ दीन दयाल
पंदरमा धर्मी नाथ वान्दु जीन राय
सोलहमां शान्ती नाथ दीन दयाल
उग्रसेन री लली ओ उग्रेसन री लली
नेम वन्दन गीरनार चली
उगो उगो चन्द्रमा छटक गई रात
अजू अन हुवो मन केवल ज्ञान
दयावन गजरो सन्तोष की घडी
शुद्ध मन शीयल पालो आज की घडी।।उग्रसेन।।
सतरहमा कुन्थू नाथ वान्दू जीन राय
अठारहमा अरह नाथ दीन दयाल
उगनीसमो मल्लो नाथ वान्दू जीन राय
वीशमा मूनी सुव्रत दीन दयाल
इक्कीसमां नेमनाथ वान्दू जीन राय
बाईसमा रीट्ढ नेमी दीन दयाल
तेईसमां पारस नाथ वान्दू जीन राय
चोबीसमा महावीर स्वामी दीन दयाल
उग्रसेन री लली ओ उग्रसेन री लली
नेम वन्दन गीरनार चली
उगो उगो चन्द्रमां छींटक गई रात
अजू अन हुवो मन केवल ज्ञान
दयावान गजरो सन्तोष की घडी
शुद्ध मन शील पालो आज की घडी

193 हतण्डी
हतण्डी मारी मूलकन्ती चाले तो
बीन सूडा बीन आख्या जी
मूलकन्ती मूलकन्ती समुद्र पवासीया तो
चार कलश लेने आव्या जी
पेलडो शत्रुजा मे मेल्यो तो
ज्यादेवा आदीनाथ वराज्या जी
दुजेडो गीरनाल्या गठ मोल्यो
ज्या देवा नेमीनाथ वीराज्या जी
इग्ण्योडो तलश हतणापूरी मेल्यो
ज्यादेवा शान्तीनाथ वीराज्या जी
आधीनाथ जाया बडो फल पायां
नेमीनाथ जाया बडो फल पांया
शान्तीनाथ जाया बडो फल पांया
ज्या देवा धर्म प्रकाशीयां जी
ज्या देवा पसूब छूडावीयां जी
ज्या देवा शाता वपराव्या जी
हतण्डी मारी मूलकती चाले तो
बीना सूडांबीन आख्या जी
मूलकंती मूलकंती समुद्र पवासीयो तो
चार कलश लेने आव्या जी
चोथोडो कलश फलोदी गढ मेल्यो तो
ज्या देवा पारसनाथ वीराज्या जी
पांचमोडो कलश पावापूरी मेल्यो तो
ज्या देवा महावीर सवामी वीराज्या जी
महावीर स्वामी जाया बडो फल पाया
ज्या देवा मेलो मण्डावीयाँ जी
ज्या देवा मेरू कम्पाव्यां जी
ज्या देवा प्रसन पूछया जी

194 सपनो
रायरे सीद्धार्थ घर पट राणी नामे त्रीशला सु लक्षणो ए
राज भूवन माहे पलंगे पोढन्ता
चवदे सपना राणौ लीया ए
पेले ओ सपना मे घवेर दीठ्टो
दुजे ओ रीखब सू लक्षणो जी 2
इग्ण्ये सीगपू लक्षणो दीठो 2 चोथे लक्षमी देवात ए
पांचा सपना मे फूला री माला छठे चाँद अमीझरीयो ए
सातमां आठमी धजा नवभे कलश रतन जडीयाँ ए
़पदमा सरोवर दशमा ओ दीठ्‌ठा खीर सूमद्र इग्यारमो ए
देव बीमाण ज बारमु दीठु रूण झूण घण्टा मादल बाजतो ऐ
रतना री राशी तेरमी दीठ्ठी अग्न सीखाओ दीठा चवदमां ऐ
सपनाड लेई राणजी जागया राय समोवड पोहतला पे
सूनोरा सामो मे तो सूपनडा लाधा
पाछली रात रलीयामणी जी
रायर सीद्धार्थ पडीत तेडया
कहोरे पण्डीत फल बपहनाये
हम कूल मण्डल तूम कूल धीवो
घर रे महावीर सामी अवतर्या ए
घ रे वृद्धमान सामी अवतर्या ऐ
जे नर गावे ते सूख पावे
आनन्द रंग वधामणा ए

 

आगे रा गीत 1 2 3 4 5 6 7 8 9

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