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(आभार राजस्थान पत्रिका)

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भाटी जैसलजी
खिज्र खां जी
किशनसिंह जी राठौड
महारावल प्रतापसिंहजी
रतनसिंहजी
सूरतसिंहजी
सरदार सिंह जी
सुजानसिंहजी
उम्मेदसिंह जी
उदयसिंह जी
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पद्मचंदजी मेहता
भवनलालजी
रवि पुरोहितजी

मारवाड़ी विवाह गीत

संकलन- श्रीमती सुगनीबाई बोहरा, श्रीमती कंचनबाई गादिया

112 सीझ्यां रा गीत
साण्डेरा वीर साण्ड पौलाणो जाय बाई मदन बाई रे सासरे
साण्डेरा वीरो साड पीलाणो जाय बाई शान्ती बाई रे सासरे
भूवा बाई, थे सूता हो जागो थारा वीरो सारे घरे वीरदडीया
विरदडीयां बाई आवण रो जोगी
छोका लीगना (बनडी) परणीजे
भींजे हे बाई दिकणीरो चीरो
आरा वीरो सा (नाम) रो मोलीयो
साण्डेरा वीरा साण्डा पीलाणो जाय बाई (नाम) बेनारे सासरे
(नाम) (बेना बेन) बाई थे सूता हो के जागो
थारा (बाबोसा) रे घरे वीरदडीयां (काकोसा)
विरदडीयां बाई आवण रो जोगो
(नाम) छोका लीगना (बेबी) बाई परणीजे
भींजे हे बाई दिकणी रो चारो
आरा वीरा (वीमल) चन्द सारो मोलीयो

113 सीझ्यां रा गीत
साँझी माता किस घर जाय के सवी साँझ दीवो जलेजी
सूरज जीयो थई भरतार के रायण राणी गांगयाजी
चन्दन जीयो थेई भरतार के रायण राणी मांगयाजी
मांगयो मांग्यो हीवडा रो के मोतीडा री माला के
मांग्या चूडा चून्दडी री
साँझी माता जीस घर जायो के सवी सांझी दीवो जलेजी
बाबोसा ओ थेई भरतार के सायर राणी मांग्याजी
काकोसा ओ थेई भरतार के लाडण राणी मांग्याजी
माग्दो माग्यो हीवडा रो हार के जीव रो अधारो के
मांग्या मेमद मूंजडी जी
सांझी माता जिस घर जाय क सवी सांझ दियो जले जी
मामोसा ओ थेई भरतार के रायण राणी मांग्या जी
भूरोसा ओ थेई भरतार के रायण राणी मांग्याजी
बेनोसा ओ थेई भरतार के रायण राणी माँग्याजी
मामोसा मांगयो हीवडा रो हार के मोती डारी माला के
मांगया अमर आशीश जी

114 चोली की रीत
रंग चाली चीतर चोली रा डागल पान
ओ राजा माया मचरको एल ची जी
थाने नीबतू थाने नीवतू दादोश जोद ओ
बाबोसा पधारो मारी वीरदडीयांजी
थाने नीवतू थाने नीवतू दादोशा रा जाद ओ
काकोसा पधारो मारी दीवरडीयांजी
आछी वीरदइयां रूडी वीरदइयां आवण रो जोग
दादोसा आयने लग्न लीखीसी जी
आछी वीरदइयां रूडी वीरदइयाँ आवण रो जोग
बाबोसा आयने ब्यास राचवसी जी
काकोसा आयने भाँत रन्धावसी जी
रंग चोली चीतर चोली रा डाबर पान ओ
राजा माय मचरको एलची जी
थाने नीवतू थाने नीवतू बाबोसा रा जोद ओ
मामोसा पधारो मारी वीरदडीयां जी
आछी वरदइयां रूडी वीरदइयां आवण रो जो ओ
वीरोसा आयने पेरावणी पेरावजो जी
मामोसा आयने (मायरो) मूसालो पेरावजो जी
रंग चोली चीतर चोली रा डागल पान ओ
राजा माँय मचरको ऐलची जी
थाने नीवत् थाने नीवत वेवाया रा शीशा ओ
भूरासो पधारो मारी वीरदडीयाँ जी
बनोइसा पधारी मारी वीरदडीयां जी
मामोसा पधारो मारी  वीरदडीयांजी
आछी वीरदइयां छोकी वीरदइयां आवणरी जोगओ
भूरोसा आय ने बन्दोली कडावजो जी
बेनोसा आयने माला पेरवाजो जी
मामोसा आयने (नेत) रूपया घलावजो जी

115 वारणा रो गीत
सोनो लावजो जी सीरदार बना
रूपो लावजो जी उमारव बना
(बालनो)नेनी नाज मेल चठन्ता आय
आयल बाजे पायल बाजे छमाक छम
तूझ पर वारण जो उमराव बना
चूडलो लावजो ए सीरदार (बाना) बनी
तूझपर वारण जी उमराव बना
नेनी नाजू मेल चढता
आयल बाजे पायल बाजे छमाक छमः
तूझ पर वारणा जी सीरदार बनी
तूम पर वारण जी उणराव बनी

116 वारणा रो गीत
सोनी लंका देश रो तूझ वारणा
रूप उजला देश रो तूझ वारणा
बनडी रे भंवर घडाय बनी रे उपर वारणा
नजू जोड घडाय बना रे उपर वारणा
मे कीकर आवा मारी लाडला तूझ वारणा
मारी हीरा सू भरी रे दूकान बनी उपर वारणा
दूकान दादोसा सौंप दो तूझ वारणा
दादोसा रा प्यारा बेगा आय बनी रे उपर वारणा
बाबोसा रा प्यारा बेगा आय बनी रे उपर वारणा

117
दादोसा के बागा जाती तोता पकड के लाती
बाबोसा के बागा जाती सूवा पकड के लाती
तोते को रखती गोदमे मोत्यो का चूगा चूकाती
सूवे को रखती गोदम मोत्यो का चूगा चूगाती
तू सांच बोल सूगठा बनडा से बनडी प्यारी
मे केसे लेवू वारणा हाथा में गजरा भारी
वीरोसा के बागा जाती मे सूवा पकड के लाती
मामोसा के बागा जाती मे तोता पकड के लाती
तोते को रखती गोदमे मोत्यो का चूगा चूगाती
तू सांच बोल सगठा बनडी से बनडा प्यारा
मे कैसे ले वारणा हाथो में गजरा भारी

ये तो थारे वीन्दराजा सासरे लाल
ये तो लेसा इवड भाँत हो लाल ।राती।40।
ये तो दोय सीरा दोय लापसी रे लाल
ये तो जलेबीयारां भाँत हो लाल ।राती।41।
ये तो थारे वीद राजा सासरे लाल
ये तो लेसा सोले वेस हो लाल।राती।42।
ये तो दोय सीणयां दोय साबटू रे लाल
ये तो असल चून्दडीयां रा वेस हो लाल।राती।43।
ये तो चारू तों टूकडयां डायजे रे लाल
ये तो देव गडोय बड थाल हो लाल।राती।44।
ये तो परण गुरण घर आव्या रे लाल
ये तो पडेरे नगारा री ठोर हो लाल।राती।45।
ये तो करोनी भूवा बाई आरती रे लाल
ये तो बेनड लूण उतार हो लाल।राती।46।
ये तो भूवा रे अगड गढावसा रे लाल
आंतो बेनड चून्दल्यां ओढाय हो लाल।राती।47।
ये तो आबे ले मायड बाचणा रे लाल
आंतो जोडी तो उबी घर रे बार हो लाल।राती।48।
ये तो वेठी माताजी दली चणो रे लाल
मारी सायदण चापे थास पांव हो लाल।राती।49।
ये तो जारी तो हनीं जाण्ता जात हो लाल
जारी परण्याँ घीव हो लाल।राती।50।
ये तो ज्यारो तो चाछ न खावता रे लाल
ये तो ज्यारो तो पीधो दूध हो लाल।राती।51।
ये तो नवी रायवर घरनार हो।राती।
रमाडला राती माला पेरी जडावर री लाल
सूनो सूनो सारा लाल दादोसा
घोडी मंगादो वीलायत की
सूनो सूनो मारारा लाल काकोसा
घोडी मंमादो वीलायत की
घोडी मारीं रंग रंगीली
बनडो मारो लाखीणो
इण गोडी रे कोठ कागंरा
कीलो जडाय देउ जेपर को
बम्बई की महमा देवी
कलकत्ता में काली है
काशी जो काला भेरू
उसको जोत सवाई है।
सूनो सूनो मारा लाल वीरोशा
सूनो सूनो मारा लाल मामोसा
घोडी मगांय देउ वीलायत की
घोडी मारी रंग रगीली
बनडो मारो लाखीणो
इण घोडी रे खोठ कागंरा
कीलो जड़ाय देउ जेपूर को
बम्बई की महमा देवी
कलकत्ता में काली है
काशीजी का काला भेरू
उसकी जोत सवाई है

118 बना
जाबो बना सब सब देश पूर्व मत जावोज जी
पूर्व रो पानी राजने लागे बने रोडीवडो तरसेल जी
सूनो रा सूसरोसा रा पूत सासूजी री कवंर
बाईसा रा वीर मां सूमणी रा कन्त
कहयो बनी रो मानजो जी केहुला अकल री जी
बात समझ राजो बात हीयां माहे राखजों जी
बोन्धो बना सब सब रंग मोलीयो तो मती बन्धो जो जी
मोलीयं सू आवे लोडी शोक बनी रो जीव तरसेला जी
सूणोरा सूसरोसा रा पूत सासूजी रा कवंर
बाई रा वीर माँ सूगणी घा कन्ह कहनी घोडी रो
मान जो जी केहुला अकल री जी बात समझरो री
जी बात हीयां माहे राख जो जी
जीमो बन सब सब चीज हीरो मती जमीजो जी
हीरा दूख रज रो पेठ बनी जीवडो तरसेला जी
देखो बना सब सब चीज वेश्या मतो देखजी जी

119 बनी
ऋतु गर्मी में व्यह रचावो खस का पंखा लगावो जी
बना खस का पंखा ने रस की मनडो पेडा सू गोद भराजो जी
बना सीयाला रे सासरे उन्हाला रे बाप रे चोमासा
रा नानेरे पहुचावो जी बना सीयाला रा सूठेरा
उन्हाला रा गुन्द चोमासा रा घेवर छठावो
जी बना सीयाला रा खादी उन्हाला रा मल मल
चोमासा रा पोमचां मंगायो जी बना मोठी लुई
बापरे पतली हुई आपरे अबे म्हारो हुंक्म
उठावो जी बना। लाडु खाया बापरे ने खन्दा
खाया आपरे मेवां सू मूंठ भारवो जी बना

120 बनी
मारी माता ने मे मंद लावो सा
मारी रखढी रतन जडावो सो
तूम लेजावो 2 सरदार बनी को ले जावो
उमराव बनी को ले जावो मे सोलह बरस की थी मोटी
मांसु नही छठेला प्रीती मे दूध पायने की थी मोटी
मे खाजा सू खेलायी मे लाडु सू लडायी मे पापड सूं पढायी
आंरा माताजी ने याद घणी आसी
आरा बाबीसा री छाती भर जासी
आरा काकोसा ने याद घणी आसी
आरा काकीसा री छाती मर जासी
तूम ले जावो 2 सीरदार बनी ने ले जावो
उमराव बनी ने ले जावो

121 बधावो
साता सूपारी वाचोई बीडला हाथ
जोसी जी ने पूछन रजरी दणगई रे लाल
के दो जोसी मनडा री बात के दो जोशी दील डारी बात
कीतरा दीना सू भवंर घर आवसी रे लाल
कीतरा दीना सू सायब घर आवसी रे लाल
कीणले भावंड वड पीपलरा पान
उतरा दीना सू भवंर घर आवसी रे लाल
उतरा दीना सू सायब घर आवसी रे लाल
रंग बधावो मारे घरे आवोय रे लाल
सूख रो बधावो मील घर कर गावीयो रे लाल
सात सूपारी पाँचोई बीडला हाथ
बाईसा ने दूछंन रज री दणगई रे लाल
केदो बाईसा मनडा री बात
केदो बाईसा दीलडा री बात
कीतरा दीनामू भवंर घर आवसी रे लाल
कीतरा दीनासू (सायब) वीरो सा घर आवसी रे लाल
सजली भावनज सोले सीणगार
उछे ने प्राभात्यां वीरो सा घर आवसी रे लाल
सजीयां भावज सोले सीणगार 3
उठे ने प्रभात्यां सायब (वीरो) घर आवीयां रे लाल
भरलो बाई मोतीका रो थाल
वीरो सा व धारण रज री दणगई रे लाल
वरी ओ बाईसा थारीडी जीम
दांख चीरोल्यां बाईसा रे मुख भरू रे लाल
रंगरो बधावो मारे गरे आवीयो रे लाल
सूखो रो बधावो सखीयां गावीयो रे लाल

122 कात्थो
केवल्यो सो कातो ने पान केरा बीडला
दादोसा ने बाबोसा री हीव चढ जोडी
(घर के सभी छोडे बडे के नाम लेना)
आ जोडी माने घणीरे सूहावे
इण जोडी रा जाजा जतन करावो
देवर जेठाण्या री हीवचल जोडी
सासु बहुवा री हीवचल जोडी
ननद भूजाईयांरी हीव चल जोडी
हीवचड जोडी ने माया केरी डोली
सासू बहुए धोरी लडाई मत कर जो
जाय लडो तो मनाय ने लाबो लीजो
देवर जेठाण्या गोरी लडाई मत करजो
जाय करो तो झडाँको साचों लेईजो
ननद भूजाईयां गोरी लडाई मत करजो
जोय करो तो पाये पड लीजो
मेला मालयो दिवलो गोरी बडो रे मतकीजो
जोय करो तो सीलगाय रे लावो लीजो
मेला री मीठाई गोरी नीठण मत देईजो
जोय नीठो तोखाय र लावो लीजो (मंगाय)
झूला छाई सेज घोरी ऊठण मत दीजो
जायउठावोतोबीछायरेलाबोलीजो (पोढण)
आवरा भंवर सा उघोरी रूसणीयां मत कीजो
जोय रूसे तो मनाय र लावो लीजो
लीलबठरी ठीकी गोरी मीठण मत दीनो
जोय मीठे तो छोडण लावो लीजो
नेना भायलो सूरमो गोरी बडो रे मत करजो
जोय करो तो सार ने लावो लीजो
पालनीयां रा पूत गोरी रोवण मत दीजो
जोय रोवे तो दुलराय ने लावो लीजो
खोला मायली घीब गोरी रोवण मत दीजो
जो रोवे तो धछेडने लावो लीजो
हांडा मायलो खाठो दा गोरी नीठण मतदी
जोय नीठे तो सबोड ने लावो लोई जो
ग्वाडा री गाय नोरी कूदन मत दीजा
जोय कूदे तो दूवे ने लावो लीजी

123 उन्दरो हंसी मजाक
वारी वारी ओ उन्दरा..वारी..
भारी गणपती री असवारी..
उन्दरो उन्दरी छई लडाई
भारत मचींयो भारी..हां-2
उन्दरो लीनो राम गुसलो
उन्दरी लीनो बुहारी..।।बारी।।
दोडी-दोडी गई उन्दरी
जाय राजा ने पुकारी..2
सुनो सुनो नगरी का राजा
मने उन्दोर मारी..।।वारो।।
राजा जी को हुक्म लुवो
उन्दरा ने पकड बुलायो..2
साँच-साँच तू बोल उन्दरा
क्यो उन्दरी ने मारी
में पूछ कतर देवू थारी।।वारी।।
(पांच) राम नाम मालिक का ले तो
खूटी ऊपर माला डाकी
कतर कतर कर डाली
में  ुण गुणा सू मारी।।वारी।।
उन्दरा उन्दरी रे हुवो राजी पो
करीयो चूरमो भारी..2
आवो मारा भोला साहीब
आखीर नार तुमारी।।वारी।।
जीम ने चूट ने चाल्या उन्दरजी
मूछ पर मूछ सवारी
कहत कबीर सून रे भई सघा
आखिर (तीर्रार्या) हारी..(नारी)
वारी वारी उन्दरा वारी
थारी गणपत री असवारी

124 बनो
छल्ला आवे आदी रात बठावे चटनी
टनी बाणे तो गोरी पूदीना री बाटजो
नहीं तो सूईजा प मारी घोरी में खाय लेवू कोरी
पाँच पचीस रा मारा नकलीश घडाय दो
मारा मनकी मनमे रेगी सठामे खोयो।।छल्ला।।
पांच रो पचीस रो तीमण्यो घडाय दो
मारा मनकी मनमे रेगी सठामे खोयो।।छल्ला।।
पांच रो पवस रो मारे हथफूल मोलाय दो
मारा मनकी मन मे रेगी वेश्या में खोयो।।छल्ला।।

125 वीनायक
चालो वीनायक अपा जोसीडा रे चाला
चालो वीनायक अपा सोनीडा रे चाला 2 सीनीडा रे
छोका चोका लीग्न लीखावा जी रपाज
मारा वीरद वीनायक
छोका छोका घेणा मोलावा जी राज

पहले दिन की भावां
124 भावां चौबीसी
पेला रीखब नाथ दूजा अजीत नाथ
इग्ण्या सम्भवन  ाथ बन्द जीन रायजी
चौथा आभीनन्दन नीत उठ वान्दू
ा ंचमा सुमति नाथ छठा पद्म प्रभु
सातामां सुपार्श्वनाथ बन्दू ी जीन राय जी
आठमा चन्दा प्रभु नीत उठ वान्दु
ऐ रे मेरे नूणधर वीस वीहर मूनी
आनन्त चोवीसी ने वान्दू जीन राय जी
गरवा गोतम श्वामी नीत उठ वान्दू
नवमां सूवीधी नाथ दसमा शीतल नाथ
इग्‌आरमा श्री हंस वन्दू जीन राय जी
बारमा वासू पूच्या नीत उठ वान्दू
तेरमां वीमल नाथ चवदमां अनन्त नाथ
पन्द्रहमां धर्मीनाथ बन्दू जीनरायजी
सोलह मां शांती नाथ नीत उठ वान्दू
ऐ रे मेरे गुणर वीस वीहर मुनि
अननन्त चोवीसी ने बान्दू जीन रायजी
गरवा गोतम स्नामी नीत उठ वान्दू
सतरहमा कुन्थू नाथ अठारहमा अरिहन्त
उगनीसमां मल्ली नाथ वन्दू जीन रायजी
बीसमां मूनी सुव्रत नीत उठ वान्दू
इक्कीसमा नेमी नाथ बाईसामाँ रीद्ध नेमी
तेईसमां पारस नाथ वन्दू जोन राय जी
चोबीसमां महावीर नीत उठ वन्दू
ऐ रे मेरे गुणवर वीस वीहर मुनि
अनन्त चोवीसी ने वान्दू जीन राय जी
गरवा गोतम सामी नीत उठ वान्दू

127 हतत्डी
हतण्डी मारी मलकन्ती चाल तो ढलकन्ती चालतो
नगर सतरुंजा रे चोवटे जी
नगर गीगरनालीयां रे चोवटे जी
हतण्डी कंवर आदीनाथ ने सोवे तो नेमनाथ ने सोवे तो
वर पेरो नामी राजा थारा जी
वर पेरो समुद्र वीय जी थारा जी
पूत सपूत माता मोरा देजी थारा तो सेवा देजी थारातो
उठ सवेरे भाई बेनडा जी
हतण्डी मारी मलकन्ती चाल तो ढलकन्ती चाल तो
नगर फलोदो रे चोवटे जी
नगर हतमआ पूरी रे चोवटे जी
हतण्डी कंवर पारस नाथ सोवतो शांती नाथ ने सोनेतो
वर पेरो वीश्व सेन जी थारा जी
वर पेरे अश्व सेन जी थारा जी
पूत सपूत माता वामो देजी थारा तो अचला देजी थारातो
उठ प्रभाते बाई बेनड़ा जी
हतण्डी मारी मलकन्ती चालती ढलकन्ती चाल तो
नगर पांवाँ पूरी रे चोवटे जी
नगर गोबरा पूरी रे चोवटे जो
हतण्डी कवर महावीर सामी ने सोहे तो गोतम सामी ने
वर पेरो सीद्धार्थ जी थारा जी
वर पेरो वीश्व भूती जी थारा जी
पूत सपूत माता त्रीशला देजी थारा तो पृथ्वी देजी थारा
उठ प्रभात भाई बेनडा जी।

128 सपनो
माता त्रीशला ओ देख्या वाला चवदे सपना
बवा बेठीयां ओ देख्या वाला सात सपना
पेले ओ सपना में घेवर देख्या तो 2
दूजे ओ रीखव सोलाखीना।।जीयो चवदे सपना।।
इग्न्यो सपना में सींगज देख्या तो
चोथे ओलक्षमी देवता।।जीयो चवदे सपना।।
पाचमां सपना में फूला री माला
छठे सी चाँद अमी जरे।।जीये माता।।
सातमा सूरज आठमी धजा तो
नवमे ओ कलश रतना जडीयो।।जीमी।।
मद् सरोवर राणी दसमा ओ देख्या तो
खीर समुन्द्र सामी इग्यारामा।।जीयो।।
देव वीमाणज बारमा देख्या तो
रूण जूण घन्टा मादल वाजीयां।।जीयो।।
रतनारी रासक राणी तरेमी देखी तो
अग्नो सीखाओ दीठा चवदमां।।जीयो।।
सीद्धार्थ राजा ने पीलंग ज पोढया तो
राणी ओ जाय जगावीयां।।जीयो।।
जागो जागो हो मारा सीद्धार्थ राज तो
इण सपना रो सामी फल कीसो।।जीयो।।
हम पट राजा ने तुम कूल राणी तो
पूत तीर्थंकर राणी अवतर्या।।जीयो।।
सीद्धार्थ राजा ने जोशीजी बुलाय तो
जोशीजी तो तन्थ सार सूजी नाम दीरायो भद्रोभान जी ।।जीयो।।
सीद्धार्थ राजा ने दसोटन थाप्या तो
तैतीस क्रोड देवता ने नीवतर्या।।जीयो।।
खाजा तो लाडू ने सरस जलेवी तो
घेवरी यां छटायां दूनी खांडरा।।जीयो।।
सुन्दर बेना आवे ने झगल्या टोपी लावे तो
वीर ने हेत करी पेरावे।।जीयो।।
सुन्दर बने आवे खाजा लाडु लावे तो
वीर ने हेतकरी जीमावे।।जीवो।।
वीर मोटा थासी ने नीशाले भणाव जासी तो
माता त्रीशला हखे मनावे।।जीयो।
नन्दी वर्धन आवे तो राणी रूंडो लावे तो
वीर ने हेत करू परणावे।जीयो।
वीर मोठा थासी ने ज्ञात में गर्वासी तो
कांती बीजय गुण गावे। जीयो चवदे सपना।
मातार त्रीशला ओ देख्या वाला चव्दे सपना

129 भांवा
दिन दिन ओ मोरा दे थारी कूख रतन स्वाग घणो
दिन दिन ओ सेवा दे थारी कूख के रतन स्वाग घणों
जठे जदीयां है आदीनाथ देव के हीवड़ा में हरख घणो
जठे जलमीयां है नेमीनाथ देव के हिवडा में हररख घणो
जठे जलमीया है शान्ती नाथ देव के हीवडा में हरख घणो
माता केसर तीलक लीलाड के मोतीडासू मांग भरी
माता बेठा दलीचो डाल के हाथ में गुलाब री छडी
ताता बेठा सीहांसन डाल के बवा बेठीयां हाजर खडी
दन दिन ओ रामा दे थारी कूख के रतन स्वाग
दन दिन ओ त्रीश्ला दे थारी कूख के रतन स्बाग घणो
दिन दिन ओ पृथ्वी दे थारी कूख के रतन स्वाग घमो
 जठे जडलमीया है पारस नाथ देव के हीवडा में हर्ष घणो
जठे गलमीयां है महावीर देव के हिवडा में हर्ष घणो
जठे जलमीयाँ है गौतम सामी देव के हिवडा में हर्ष घणो
माता केसर तीलक लीला के मोतीडासू माँग भरी
माता बेठा दलीचो डाल के हाथ में गुलाब री छडी
माता बेठा सीहासन डाल के बवा बेठीयाँ हाजर खडी।

130
ऊंचो नीची नगरी ने तरूबर जय्या तरूवर छय्या
जठे रे बसे मोना देजी रा जाय।
जठे बसे शेवा देजी रा जाय।
उछो माता मोना देजी बायर आवो 2
आंगण दोय दोय सोना रा क्यार।
उठछो माता सेवा देवी बायर आवो 2
आंगण दोय दोय चाँदी रा क्यारा।
सोना रा क्यारा ने लेरीयाँ जी लेता
जाय आदिनाथ रे मूगट बढ़ाता
चान्दी रा क्यारा ने केरीयांजी लेता जाय
नेमीनाथ अगीय गडाता।
ऊंची नीची नगरी मेर तरुवर छय्या तरुवर छय्या
जठे रे बसे अचला देजी रा जाया
जठे रे बसे वामा देजी रा जाया
उठो माता अचला देजी बायर आवो
आँगण दोय 2 केसर रा क्यारा
उठो माता वामा देजी बायर आवो
आँगण दोय 2 फूलाडा क्यारा।
केसर रा क्यारा ने लेरीयाँ जी लेता जाय
शांतिनाथ रे पूजा कराता।
फूलड़ा रा क्यारा ने केरीयाँ जी लेता जाय
पारसनाथ रे पाठ चढ़ाता
ऊंची नीची नगरी ने तरूवार छय्या तरुवर छय्या
जटे रे बसे त्रीशला देजी रा जाया
जठे रे बसके पृथ्वी देजो रा जाया
उठो त्रीशला देवी बायर आवो
आंगण दोय 2 नालेरा रा क्यारा।
उठो माता पृथ्वी देवी बायर लावो
आँगण दोय 2 चावल रा क्यारा
नारेला रा क्यारा ने लेरोया जी लेता जाय
महावीर सामी ने पाठ चढाता
चांवला रा क्यारा ने लेरीयां जी लेता जाय
गोतम सामी रे पाठ चढाता।

131 आरती
केसर भर कस्तूरी भरीयां औरज भरीयां बाटका जी
वाटकी दिजो मारी देजी रे हाथ भगवन्त री करजो
आदिनाथ आरती जी
वटाको दीजो शेबा देजी रे हाथ नेमीनाथ री करजो
आरती जी
घडी घडी घडीयावल बाजे सांज सवेरा आरती जी
जालर ने डकूरा बाजे पोर दपोरा आरती जी
केसर भर कस्तुरी भरीयाँ ओरज भरीयाँ बाटकाजी
बठको दिजो अचला देजी रे हाथ शांतिनाथ करजो आर
वाटको दिजो वामा देजी रे हाथ पारसनाथरी आरती
घडी घडी घडीयावल बाजे सांज सवेरा आरती जी
जालर ने डंकूरां बाजे पोर दपोरहा आरती जी
केसर भर कस्तूरी भरीयां और ज भरीयां बाटकजी
बाटको दीजो त्रिशला देजी रे हाथ
महावीर सामी री करजो आरती जी।
बाटको दीजो पृथ्वी देजी रे हाथ
गोतम सामी री करजो आरती जी
बाटको दीजो गावन बाल्यां रे हाथ
तीर्थकर री करजो आरती जी।
घडी घडी घढीयावल बाजे सांज सवेरा आरती जी।
झाडर ने डंकूरा बाजे पोर दपोरा आरती जी।

132 तारो
मारा वाला वायण जोगो प्रभाते तारो उंगीयो
तारो गगो मोरा देजो री कूँखो जठे आदीनाथ जलमी
तारो उगो शेवा देजी ती कूँखो जठे नेमीनात जलमीया
तारो उगो अचला देजी रो कूँखो जठे शांतिनाथ जल
आदीनाथ जी है मोठा देव जी धर्म प्रकाशीया
नैमी नात जी है मोटा देव जा पसूब छूडावीयां
शान्ती ना ्‌थ जी है मोठा देव जा शाता वपरावोयां
शान्ती नाथ जी है मोठा देव जा शात वपरावोयां
मारा वाला वायण जोंगो प्रभात्या तारो उगीयो
तारो उठी वामा देजी री कूखो जठे पारसनाथ जल
तारो उगो त्रीशला देजी री कूखो जठे महावीर सामी
तारो उगो पृथ्वी देजी री कूखो जठे गोतम सामी सामी
पारसनाथजी है मोठा देव जा कमठ हरावीयां
महावीर सामी है मोठा देव जा मेरू कंपावीया
गोतम सामी है मोठा देव जा प्रसन पूछीजां
सूरज बाबा है मोठा देव जा कूल माय उगीयाँ
विनायक जी है मोठा देव जा रीद्ध सीद्ध साचरीयां
काला गोरा हैं मोठा देव जा कूल री रक्षा करे।

133 दिवलो
रेश पाछलडी प्रभात उजाले लक्षमी दीवलो जी
दीवलो थारो उंचरो टांक घर आदीनाथ जलमीयांजी
दिवलो थारो उंचरो रांक घर नेमीनाथ जलमीयांजी
दिवलो वारो उंचरो टांकघर शांतिनाथ जमलीयांजी
आदीनाथ मोठा देव जा ध्म प्रकाशीयां जी
नेमीनाथ मोठा देव जा पसूव छूडावीयां जी
शांतिनाथ मोठा देव जा शाता वपरावीयां जी
रेण पाछलडी प्रभात उजाले लक्षमी दीवलो जी
दीवलो थारो उंचरो टांक घर पारसनाथ जलमीयांजी
दोवलो थारो उंचरो टांक घ महावीर सामी जलमी
दीवलो थारो उंचरो टाक घर गोतम सामी जलमीयाँ
पारस नाथ मोठा देव जा कमट हरावीयां जी
महावीर सामी मोठा देव जा मेरू कम्पावीया जी
गोतम सामी मोठा देव जा प्रसन्न पूछीयां जी
बाला ने पथरना ओ सीस स्वामी रंग धजो जी
गलीयां गाल मसूरीयाँ चंप कलीरो बाला बीजणोजी
खाजा ने लाडू सरस जलेवीयां रा जीमणोजी
जीमो आदीनाथ स्वामी आप जीम्या जूग जीमसी जी
जीमो नेमीनाथ स्वामी आप जीम्या जुग जीमसी जी
जीमी शान्ती स्वामी आप जीम्या जुग जीमसी जी
कूकड लारी नेला आंगण मोर मोतो चूगे जी
कीण नगरी रा राजा कीसाने देवत घर आवीयाजी
फलोदी रा राजा पारसनाथ स्वामी घरे आवीयांजी
पांवापूरी रा राजा महावीर स्वामी घरे आबीयाजी
गोगरा पूरी रा राजा गोतम स्वामी घरे आवीया जी
स्वामी घराई पधारया अवसर आया मारे तपस्या में
पाया पदृम जडावो इसडो लावो जा जा हीगलूजी
रेगस बान बनावो दाव न दो मग ढूलडी जी
वाला ने पथरना ओ सीस ओ स्वामी रंग घणो जी
गलीयां गाल मसुरीयां चम्प कलीरो बाला बीजणोजी
खाजा ने लाडू सरस जलेबीयां रा जीमणाजी
जीमो पारसनाथ स्वामी आप जीम्या जुग जीमसीजी
जीमो महावीर स्यामी आप जीम्या जुग जीमसीजी
जीमो गोतम स्वा ी आप जीम्याजुग जीमसी जी।

134 मेन्दी
मेन्दी तो वावण दल गई नेमजी
वाई वेलू रेत जायरा नेम जो
आयो वरसालो लागी चतुर मासो.
मेंदी तो सींचण दण गई नेमजी
मोनारों चूकल्यो हाथ जायल रा नेमजी। आयो
मेन्दी तो चूटण दण गई नेमजी
सोनारो छबोलीया हाथ जायलरा नेमजी। आयो
मेन्दी तो वाटण दण गई नेमजी
सोनारी सीलाडया बठाया जायल रा नेमजी।
मेन्दी तो घाणन दण गई नेमजी
गुजराती कापवड छाण जायल रा नेमजी। आयो।
मेन्दी तो बोलण दण गई नेमजी
रतन कचोले हाथ जायल रा नेमजी
गगाजल नीर जकील जायल रा नेयजी।आयो।
नेमजी री दीधी चीठू आंगली नेमजी
राजूल रा माण्डया दोनों हाथ जायल रा नेमजी
नेमजी राची चूठू आँगली नेमजी
राजूल रा राच्या दोनों हाथ जायल रा वेंमजी
नेमजी तो नीरखी चीठू आँगली नेमजी
राजूल रा नीरख्या दोनो हाथ जायल रा नेमजी
कई परण पधारो राच उग्रसेन जी री पोलीयां
कई आगे सासूजी रो राच वडवेरो वन्दावसी
कई पसूवारी सूणी रे पुकार चढ गया गीरनारीयाँ
कई राजूल त् ायधी ओ राज चढ़ता भांवसू।

135 कूकडो
थे तो राणी रूकमण धोतीयां
में तो जावू जल जमनारी तीर। आंगण बोल्यो कूकडो।
स्वामी रात घमी ओ आदी रात। जूठो बोल्यो खूकडो।
स्वामी दीवला रो जोत बूझी नहीं।
स्वामी नही जाग्या लाडण पूत।जूटो।
स्वामी फूला छाई सेज कूमली नही
स्वामी नही भाग्या साडी रा हल। जूठो।
स्वामी हावा री मेन्दी राची नही
स्वामी नहीं बोला ग्वाडा में गाय।जूठो।
स्वामी माठा री दई जमीयां नहीं
स्वामी नहीं चाले पन्थी डा वाट।जूठी।
कूकड कूण थाने फरमावीयां
कूकड कूण थाने छोडी डाली डोरा।आंगण
माता मोरा देजी भरमाणीयां
माता सेवा देजी भरमावीयां
माता अचला देजी भरमावीयां
माता आदीनाथ छोडी ढीली डोर। साँचो बोल्यों कूकडो
माता नेमीनाथ छोडी ढीली डोर।सांचो।
माता शांति नाथ छोडी ढीलो डीर।साँचो।
कूकड जीभ गडाऊ सोना सोलमी
कूकड मूखडे शकर दूध। सांचो बोल्यो कूकडो।
माता पारसनाथजी छोडी ढीली डोर।सांचो।
माता महावीर सामी छोडो ढीली डोह। साचो।
कूकड जीभ गराउ सोना सोलमो
कूकड मूखडे शकर दूध। सांचो बोल्यो कूकडो।

136 मोती
प्रभातीयां री वेला आँगण मोर मोती चूगे जी
कीण नगरी रा राजा कीसाने देवत घरे आवीयाजी
सतरूंजा रा राजा आदीनाथ स्वामी घर आवीयाँजी
गीरनालीयां रा राजा नेमीनाथ स्वामी घर आवीयांजी
हतणा पूरी राजा शान्तीनाथ स्वामी घर आवीयांजी
स्वामी घराई पधारो अवसर आया णारे वोरदडीयां
स्वामी धराई पधारी अवसर आया मारे तपस्या मेंजी
पाया पद्म जडावो इसडो लावो जा जा हींगलू जी
रेशम बान बनावी दाव न दो मग ढूलडीजी
संतरू जे जाय जोरे वीरा झी गमीग
गीरनालीयां जा जोरे वीर झींग मीग
हतमा पूरी जाय जोरे वीर भीग मीग
सतरुंजा में आदीनाथ देवो जाणण रा जाया
गोरनाल्यां में नेमीनाथ देवो जामण रा जाया
हतणापूरी में शातिनाथ देवो जामण रा जाया
छोकी तो चून्दड वायरे लावी जामण रा जाया
लावो माता रा जाया हीरा जड लायजो रे वीराचून्द
मोत्या जड डायजो रे वीरा चून्दडी
ओढ़ तो हीरा वीरा खरी पडे मेलू तो तरसे मारोजी
जामण रा जाया हीरा जड़ लायजो रे वीरा चून्दडी
ओढू मारी तपस्या रे माये जामण रा जाय। मोत्या।
फलोदी जाय जोरे वीर झीग मीग
पावां पूरी जाय जोरे वीर झीग मीग
योवरा पूरी जाय जोरे वीर झीग मीग
फलोदी पूरी में जाय पारसनाथ देवो जामण रा जाया
मांवा पूरी में महावीर सामी देवो जामण रा जाया।
गोबरा पूरी में महावीर सामी देवो जामण रा जाया
छोकी तो चून्दड वायरे लावो जामम रा जाया।
लावो माता रा जाया हीरा जड़ लायजो रे वीरा चून्द
मोत्या जड लायजो वीर चून्दडी।
ओढू तो हीरा वीरा खीर पडे मेलू तो तरसे मारे जी
जामण रा जाया हीरा जड़ लायजो रे वीरा चून्दडी

138 कलेवो
उठो नेमीश्वर राज करलो दातणीयां
कई जल भर झारी ओ राज दातन केलूरा
उठो नेमीश्वर राज करलो कलेवा
ठण्डी तो रोठी ओ राज लचको लूणीरो
उठो नेमीश्वर राज करलो जीमणीया
कई खाजा तो लाडु ओ राज सरस जलेवीयां
सीरो तो साबू वरणो ऊपर खर खरीयाँ
कई करे करेला ओ राज पतली सांगरीयाँ
उठो नेमीश्वर राज करलो मूछनीयां
कई पान सुपारी ओ राज बीडला पानारा
उठो नेमीश्वर राज करलो ब्यालूडा
कई पतला तो फलका ओ राज दाल ज उडदारी
उठो नेमीवर राजा करलो पोढणीयां
कई हींगलू तो ढोलीयो राज सेजा सावटू
उठछो नेमीश्वर राज कर लो सीरर पांवा
कई जरीकस झामा ओ राज पेवा केसरीयां
उठो नेमीश्वर राज करली तीलकीयां
कई कंचीयो तो कुंकु ओ राजा छोका चांवलीयाँ
उठो नेमीश्वर राज परण पधारजो

139 बधावो
अगड चन्द रा ओवरा बाधावो जी
पानारी पटसालोके राज बधावोजी।
वान्दू मोरा देजी रे ओवरे बधाधोजी
जठे जलमीयाँ है आदीनाथ देव के राजा बधावोजी।
जठे जलमीयाँ है नेमीनाथ देव के राजा बधावोजी
जठे जलमीयां है शान्तीनाथ देव के राज बधावोजी
भल जाया भले उपना बधावो जी
स्वामी धर्म प्रकाशन देवो के राज बधावोजी।
स्वामी पसूव छूडावन वेबो के राजा बधावोजी।
स्वामी शान्ता वपरावन देवो के राज बधावोजी।
बगड चन्दन रा ओवर बधावो जो
वान्दू वामा देजी रे ओवरे बधावो जी
बान्दू त्रीशला देजी रे ओवरे बधावोजी
वान्दू पृथ्वी देजी रे ओवरे वधावा जी।
चढे जलमीयाँ है पारसनाथ देव के राज बधावोजो
जठे जलमीयां है महावीर सामी देव के राज बधावोजो
जठे जलमीयां है गौतम सामी देवो के राजा बधावो जो
भल जाया भल उपवना बधाबो जी
स्वामी कमट हरावन देवो के राज बधावो जी
स्वामी मेरू कंपावना देवो के राजा बधावो जी
स्वामी प्रसन पूछण देवो के राज बधावो जी
सूरज बावा कूल माय उगण देवो के राज बधावो जो
वीनायक जी रीद्ध सीद्ध सावरण देवा के राज बधावोजी
140 घर रो कलेवो
उठो मारा बालक बनडी करोनी दान्तनीयाँ
जल भर झारी ओ बनडी दाँतन मंजन रा
उठो मारे बालक वनडा करोनी कलेवा
इटली तो जटनी बनडी बीदामा रो दूध
इसडा कलेवा थारी बेनीड करावे
बेनड करावे मारो वो परीवारो करे
उठो मारा बो परीवारो करोनी जीमणीयाँ
खाजा तो लाडु बनडा सरस जलेबीयां
इसड़ा जीमणीया थारा माताजी दीरावे
माताजी करावे मारा बालक बनडा जीमे
उठो मारा बालक बनडा करोनी मूछणीयाँ
लूँग सुपारी ओ बनडी बोडला पानारा
इसडा मूछणीयाँ थारा बनो ी सा करावे
बेनोसा करावे मारा वो परीवारो चाबै
उठो मारी बालक बनडी करोनी ब्यालूडा
दाल तो चांवल पापड़ खीच्या
इसकडा व्यालुडा थारा भुजईसा करावे
भूजईसा करावे मारी बालक बनडी जीमें
उठो बालक बनडी करोनी पीडनीयां
हींगलू तो ढोल्यो ये सावटू री सेजा
इसडा पोढणीयाँ थारा दासाजी दीरावे

142 मेन्दी
जडकन मेन्दी फटकन पान मेन्दी गई ये देश दीमान
लो दादोसा मेन्दो लो मे ्‌नदी ले थारी गोर ने दो
लो बाबोसा मेन्दी लो मेन्दी ले थारी गोर ने दो
लो काकोस मेन्दी लो मेन्दी ले थारी गोर ने दो
सागे सागे गोरी ने दो ब्याज बहू बायां ने दो
थोडा घणा रो लेखो मती लो उबरीयो खुबरीयो टाबरिया ने दो
जठकन मेन्दी फटकन पान मेन्दी गई ये देश दीमान
लो वीरोसा ममन्दी लो मेन्दी ले थारी गोरी ने दो
लो मासमो मेन्दी लो मेन्दी ले थारी गोरी ने दो
लो भूरोसा (बेनोसा) (मामोसा) मेन्दी लो
मेन्दी ले थारी गोरी ने दो
सागे सागे गोरी ने दे ब्बाज बहू बांया ने दो
थोडा घणा रो लेखो मति लो
उबरयो खुबरया टाबरया ने दो।

143 चूडा चून्दड
चार चूडा आया शेरा में चूडो पेरो कों
दादीसा थारी नार चूडा ऊपर चून्दड खुल रही
चूडों पेरों ओ बाबोंसा थारी नार चूडा ऊपर चूण्दड खुल रही
चूडों पेरों ओ काकोंसा थारी नार चूरा ऊपर चूण्दर खुल रही
खुल रया ओ बाई सा थारा वीर
नथडी मायला सांचा मोती खुल रया
चार चूडा आया सेरा में
चूडो पेरो ओ वीरोसा थारी नार चूडा उपर चून्दड खुल रही
चूडजो पेरो ओ मामोसा थारी नार चूडा उपर चून्दड खुल रही
चूडो पेरो ओ भूरोसा थारी नार चूडा उपर चून्दड खुल रही
चूडो पेरो ओ बेनोसा थारी नार चूडा उपर चून्दड खुल रही
चूडा पेरो ओ मामोसा थारी नार चूडा उपर चून्दड खुल रही
खुल रया ओ बाईसा थारा वीर
नथडी मायला सांचा मोती खूल रया।
।वीर।

144 लूरज
डुंगरीया री खीडकी ओ राज सूरज भल उगियो
पोढीयां जोगा दादोसा ओ राज सूरज भल उगियो
पोढीयां जागो बाबोसा ओ राज सूरज भल उगियो
पोढ्या जागो काकोसा ओ राज सूरज भल  ुगियो
थे तो लेवो अरिहन्त रा नाम सूरज भल उगियो
थारे मंडियों धीवडली रो ब्याव सूरज भल उगियो
थारे घर मांय आनंद उछाब सूरज भले उगियो
डूगरियाँ रो खींडकी ओ राज सूरज भल उगियो
पीढ्या जागो वीरोसा ओ आप सूरज भल उगियो
पीढ़या जागो मामोसा ओ आप सूरज भल उगियो
पोढ्या जागो भूरोसा ओ आप सूररज बल उगियो
थे तो अहिहन्त रा नाम सूरज भल उगियो
थे तो लो थारा मायता रा नाम सूरज भल उगियो
-बन्धावा
मोतिया का लावक झूमका ये बधाधा आगे देख लेना
साँझी के गीत में है

145
मांगडला
145 मांगडला
मांग डला सब गुड़ लाड़लाडा में हरकेलडीये
देव एसी आदीनाथ नेमीनाथ
शान्तीनाथ पारसनाथ महावीर सामी देव एसी आंय
मांगडला सब गुड लाडलडा ने हरकेलडीये
नदी ऐसी आय गंगा में जमना ये
सरस्वती नरबदा नदी ऐसी आय
मांगडला सवगुड़ लाडलडा ने हरके लडींये
पुरुष ऐसी आय दादोसा ओ बाबोसा ओ
काकोसा ओ वीरोसा ओ मामोसा ओ पुरुष ऐसी आय
मांगडला सब गुड़ लाड़ला ने हरके लडीये
बहू ऐसी आय सायर दे बहू लाडम दे बहू
मेमा दे बहू पाठम दे बहू बहू ऐसी आँय
मांगडला सब गुड लाडलडा ने हरके लडीये
दीव ऐसी बाई चम्पा बाई बीदम्त बाई
मेना बाई पुष्पा बाई धीव ऐसी आंय
मांगडला सब गुड़ लाडलडा ने हरके लडीये
अन रम धन रस सूत्र रस पुत्र रस
लीख्या रे लीलाड़ मांगड़ला गावीजे
(जात का नाम) पोल उगते प्रभात ढलन्ते दोपार

सवीये साँझ
146 दूसरे दिन की भांवा चौबीसो
।।चोबीसी।।
पेला रीखब नाथ जीन जीन बान्दू
दूजा अजीत नाथ देव। बाई मारे आंगण मंगणाचार
इग्ण्या सम्भव नाथ जीन जीन वान्दु
घोथा अभीनन्दन देव। बाई।
छठा पदम प्रभु देय। बाई।
सातमा सुपार्श्व नाथ जीन जीन वान्दु
आठमा चन्दा प्रभु देव।बाई।
गोरीयां गाय रो गोबरीयो मंगाय देवू
प्रभुजी रो आँगणीयो नीवाय।।बाई।।
गम मोग्या रा चोक पूराय देवू
कुंभ कलश ले आय।।बाई।।
शेत्रुजाँ गढ रो जोसीडो बुलाय देउ
प्रभुजी रो नाम दोराय।बाई।
गीरनालीया गढ रो जोसीडो बुलाय देउ
प्रभुजी रो नाम दीराय।बाई।
प्रभूजो रा नाम श्री रीखब जीनेश्वर
धर्म प्रकाशन देव।बाई।
प्रभूजी रो नाम श्री नेमी जीनेश्वर
प्रसूभ जुडावन देव।बाई।
इग्यारमा श्री हंस जीन जीन वानदू
बारमा वासु पूज्य देव।बाई।
तेरमा वीमल नाथ जीन जीन वाण्दु
चवदवाँ आनन्ती नाथ देव।बाई।
पन्दरहमा धर्मी नाथ देब।बाई।
गोरीयाँ गाय रो गोबरयो मंगाय देउ
प्रभूजी रो आंगणीयो नीपाय। बाई।
गज मोतियां रो चोक पूराय देवू
कुंभ कलश लेने आय।बाई।
हतणा पूरी घड रो जोसीडो बुलाय देग
प्रभूजी रो नाम दीराय।बाई।
फलोदी धड रो जोसीडी बुलाय देउ
प्रभूजी रो नाम दीरास।बाई।
प्रभुजी रो नाम श्री शान्ति जीनेश्व
शाता वपरावण देब।।बाई।।
प्रभुजी रो नाम श्री पारस जीनेश्वर
मेलो मण्डावन देव
सतरहमा कुन्थु नाथ जीन जीन वान्दु
अठारहमां अरहनाथ देव।।बाई।।
उगनोसवाँ मल्लीनाथ जीन जीन वान्दु
बीसमा मुनि सुब्रत देव।।बाई।।
इक्कीसमां नेमीनाथ जीन जीन वान्दु
बाईसमा रीठ नेमी देव।।बाई।।
तेईसमाँ पारस नाथ जीन जीन वान्दु
चोबीसमा महावीर देव।।बाई।।
गोरीयां गाय रो गोबरीयो मगया देउ
प्रभुजी रो आगण्यो नीपाय।।बाई।।
गज मोतीयाँ रो चोक पुराय देउ
कुम्भ कलश लेने आय।।बाई।।
पावापुरी गढ रो जोसीडो बुलाय देउ
प्रभुजो रो नाम दीराय।।बाई।।
गोबरा पुरी गढ रो जोशीडो बुलाय देउ
प्रभूजी री नाम दीराय।।बाई।।
प्रभूजी रो नाम श्री महावीर स्वामी
मेरूं कंपावन देव।।बाई।।
प्रभूजी रो नाम श्रीगोतमस्वामी प्रसन्न पूछन देव

147 हतण्डी
हतण्डी सोणगारो के देवल पूतलीयाँ
आदीनाथ दोर ज्वार मोरा देजी माँयरीयाँ
नेमीनाथ दोर ज्वार शेबा देजी माँयरीयां
हतण्डौ सीणगारो के देवल पूतलीयां
शान्ती नाथ दोर ज्वार अचला देजी मायरीयां
पारसनाथ दोरा जांवर वामा देजो मायरीयां
हतण्डी सीणगारो के तेवल पूतलीयां
महावीर स्वामी दोर ज्वार त्रीशला देजी मायरीयां
गोतम स्वामी दोर ज्वार पृथ्वी देजी मायरीयां

148 सपनो
दशमे स्वर्ग थकी चव चव्या जी
चोवीसवां जीनराय
चवदे सपना देख्या जी त्रीशला दे जारो
मायो। जीनेन्द्र माय दीठा ओ सपना सार।
पेले घेवर देख्या जी सुण्ड सुण्डालु प्रचण्ड
तूजे रीख बडे करे जो धोली साण्डो। जीने।
इगण्ये लींह सु लक्षणो जी मूख सु करे रे वीकार
चोथे लीक्षमी देवता जी कर रया लील वीलासो
पांच वर्ण फुला तणी जी मोटी ओ देखो फूल माल
छटे चाण्द पवासीयो जी अमीय जरे आकांक्षो ।जीने।
सूरज उगा अति तेज में जी कीरण्या जारु जमाल
उडन्ती धजा देखी जी उचा अति आसमानो। जीने।
कुम्भ कलश रतना जडीयां जी नीर भर्या घरमांय
कोमल फूला रो ढाकणो जी नमा सपना रो करो।जीन।
पदम सरोवर जल भर्यो जी कबले क्योरे स्वाद
देवी ने देवता रम रया  जो दीठा आबे दायो। जीने।
खीर समुन्द्र सामी चारु दिशाजी जीनरो हे मीठो नीर
दूध सरीसो जल भर्यो जी जीजरो छ एन पारो। जीने।
मोत्या केरा झूमका जी दीठा देव वीमान देवी ने देवता
रमे रया जी आवन्ता आकाशे।जीने।
रतना री रासक नीर्मली जी सपनो देख्यो री खवास
सापनो देख्यो तेरमो जी हीवडे हरख हुलामो।जीने।
जाला देखी दीपती जी अगन्न चकीयां बहु तेज
जीतरे पो जाग्या राणी पदमणी जी घर सपना सू हेलो।।जीने।
गज गण्ता चाले राणी मलकन्ता जी पहोच्या राजाजी ये पास
भद्रासन आसन दीयो जी राय मनमानो।जीने।
को राणो कीम कारण आव्या जी को थारा मनडा री बात
चबदे सपना देओख्या जी जोनरी अर्थ फूरमावो।जीने।
सपना नो सूण राय हरख्या जी कर सपना रो विचार
पूत तीर्थंकर जलमसी जी हम कूलरो।जीने।
प्रभाते पंडित तेडीयां जी कर सपना रो वीचार
पूत तीर्थंकर जलमसी जी तीन भवन रा नाथो। जीने
पंडित ने बहु धन दीयो जी वस्त ने फुलम माल
सवा नव मास पूरा हुवा जी जन्मींया पूण्य वन्त वालो।जीने।
इन्द्रा इन्द्री दीश नाचंता जी नाचीये छप्पन कुमार
असूची कर्म नीवार ने जी गावे मंगला चारो।जीने।
पृथ्वी बीम आगल धलीयो जी माताजी ने वीसरामो
शकेइद्र लीया हाथ में जी पाचो करीयां रे बनाओ।जीने
मेरू शीखर नवरावीयां जी प्रभूजी रो उछब कराय
उठाई मोलब सुरे करें जौ दीप नन्दीश्वर जाय
गुण गावे प्रभु वणा जी नगरी मगलांचारो।जीने।
प्रभाते उठ सपना गुणेजी जागर मगलाचारो
रोग शोकन दूर टले जी वीध्न जावे तन्थ सारो।जीने।
दान सीयल तप भावना जी शीवपुर मार्ग जाय
क्रम खपाय मूगे गयाजी वरत्या जय जय कारी।
जीनेन्द्र मोय दोठा सो सपना सार

149 भांवा
सूती ने सपनो आयो मारी सया ए
जगाती तो सतरूजा में जाती मारी सया ए
जागती तो गीरनालीया में जाती मारी सया ए
जागत ी तो हतणापूरी में जाती मारी सया ये
सतरूजा में आदिनाथ वीराज्या मारी सया ये
गीरनालया में मेनीनाथ वीराज्या मारी सया ये
हतणापूरी में शांतीनाथ वीराज्या मारी सया ये
हतणापूरी में शांतीनाथ वीराज्य मारी सया ये
आदिनाथ रे पीछ वाडो वाडो मारी सया ये
नेमीनाथ रे पीछे वाडो वाडो मारी सया ये
शांतिनाथ रे पीछे वाडो वाडी मारी सया ए
वाडी में सोवी क्वाडु मारी सया ए
वाडी में रूपों ववाहु मारी सया ए
वाडी में केसर ववाहु मारी सया ए
आदीनाथ रे मूगट घडाबू मारी मया ए
नेमीनाथ रे अंगोय घडावू मारी सया ए
शांतीनाथ रे पूजा करालू मारी सया ए
सूती ने सपनो आयो मारी सया ए
जागती तो फलोदी में जाती मारी सया ए
जागती तो पावा पूरी में जाती मारी सया ए
जागती तो गोबर पूरी में जाती मारी सया ए
फलोदी में पारसनाथ वीरजात्या मारी सया ए
पावां पूरा में महावीर सामी वीरजात्या मारी सया ए
गोबरापूरी मे गोतम सामी वीराज्या मारी सया ए
पारसनाथ रे पीछे वाडो वाडी मारी सया ए
महावीर सामी रे पीछ  ेवाडो वाडी मारी सया ए
गोतम सामी रे पीछे वाडो वाडी मारी सया ए
वाडी में फूलडा ववाडुमारी सया ए
वाडी में नारेल ववाडु मारी सया ए
वाजी में चावल ववाडु मारी सया ए
पारसनाथ रे फूलडा चडावू मारी सया ए
माहवीर सामी रे नारले चढ़ाऊं मारी सया ए
गोतम सामी रे चाबल चढावू मारी सया ए

150 भांव
भावां 2
सोनारी खटोलडी ने रंगिया चंरिया पाया जी
था घर वाजा नामी राजा वाजीयां जी
था घर वाजा समुद्र वीजयजी वाजीयां जी
था घर वाजा अद्वव सेनजी वाजीयाँ जी
उठो उठो आदिनाथ हुवो रे प्रभाते जी
उठो उठो नेमीनाथ हुवे रे प्रभाते जी
उठो उठो शांतिनाथ हुवो रे प्रभाते जी
था घर घर बाजा मोरा रे बाजीयां जी
था घर बाजा शेवा दे बाजीयां जी
था घर बाजा आचला दे बाजीयां जी
बाजा बाज ढोल नगारा  ौर बजे शहणाई जी
गेरा सबदारी बाजे बसंरी जी
था घर वाजा विश्व सेन जी बाजीयां जी
था घर वाजा सीद्धार्थ जी बाजीयाँ जी
उठो उठो रे पारस हुवो रे प्रभाते जी
उठो उठो महावीर सामी हुवो रे प्रभाते जी
उठो-उठो गोतम स्वामी छवा रे प्रभाते जी
था घर बाजा वामा दे वायीयां जी
था घर बाजा त्रीशला दे बाजीयां जी
था घर बाजा पृथ्वी दे बाजीयां जी
बाजा-बाजा ढोल-नगारा और बजे शहणाई जी
गेरा सबदारी बाज बसंरी जी

151 आरती
चालो सायब तीर्थ चाला शत्रूजा रे मायजी
जावा गीरनारीया मायजी जावा हतणापूरी मायजी
सूरज कुण्ड में दोनों नावा करो आदेश्वरी
आरती करो नेमश्वरी आरती।
केसर ने कस्तूरी घोठो मांय चन्दनरी बाटकी
वाटकडी सेवमजी जेजो करो आदेश्वरी आरती
करो प्रेमीश्वर री आरती करो तीर्थंकर री आरती
झालर ने टूँकरी बाजे सांज-सवेरा आरती
पोर दपोरहा आरती
चालो सायब तीर्थ चाला जावा फलोदी मायं जी
जांवा पांवापूरी मायजी जाबा गोबरा पूरी मांयजो
सूरज कुंड में दोनों नावां करा पारसनाथ री आरती
करा महावीर सामीरी आरती करा तीर्थकर री आरती
झलर ने टूँकरो बाजे सांज-सवेरा आरती पोर प्रभात्यां आरती।

152 तारो कलेवो
थे तो लोबोली लो झरेणो जो
मोरा देजी ओ दइडो घमोडो के तारो उगीयो जी
शोवा देजी ओ दइडो घमोडो के तारो उगीयो जी
थे थो लो रोठी लो वाटको जी।
आदीनाथजी ओ दइडो सबोडो के तारो उगीयो जी
नेमीनाथजी ओ दइडो सबोडो के तारो उगीयो जी
शान्तीनाथजी ओ दइडो सबोडो के तारो उगीयो जी
थे तो लोगोली लो झेरणो जी
वादा दे जी ओ दइडो घमोडो के तार उगीयो जी
त्रीशला दे जी ओ दइडो घमोडो के तारो उगीयो जी
पृथ्वी दे जी ओ दइडो घमोडो के तारो उगीयो जी
थे तो लो रीठी लो वारका जी।
पारसनाथ जी ओ दइडो सबोडो के तारो उगीयो जी
महावीर सामीजी ओ दइडो सबोडो के तारो उगीयो जी
गोतम स्वामी जी ओ दइडो सबोडो के तारो उगीयो जी
छोटा मोटा जी ओ दइडो सबोडो के तारो उगीयो जी

153 दिवलो
उंचा-उंचा ए सभी सतरुंजा रा देवरा
उंचा-उंचा ए सखी गीरनाल्या रा देवरा
उंचा-उंचा ए सखी हतणपुरी रा देवरा
तो मांय आदीनाथ रो दिवलो ए सखी वादवाने चाला
तो मांय नेमीनाथ रो दिवलो ए सखी वान्दवाने चाला
तो मांय शान्ती नाथ रो दिवलो ए सखी वान्दवाने चाला
चालो तों चवर ढोंलू दोंलों तों पद्य ढोंलू।
नीरों तों नगर ने वेल पीवों तो शकर ने दूध
चालो ए सखी वान्दवाने चाला
चालो ए सखी भेठ वानी चाला
उंचा-उंचा ए सखी फलोदी रा देवरा
उचां उंचा ए सखी पावाँ पूरी रा देवरा
उंचा-उंचा ए सखी गोबरा पूरी रा देवरा
तो मायं पारसना ाथ रो दिवलो ए सखी वान्दवाने चाला।
तो मांय महावीर सामी रो दिबलो ए सखी वान्दवाने चाला
तो माय गोतम सोमीरो दिवलो ए सखी वान्दवाने चाला
चालो तो चवर ढोलु बोलो तो पद्य ढोलू
नीरो तो नगर ने वेल पीवो तो शकर ने दूध
चालो ए सखी बान्द बाने चाला
चालो ए सखी भेठ वाने चाला

154 वीरो
हाओ धर्मरा वीर सतरू जे जावो तो माने ले जाजो
हाओ धर्मरा वीर गीरनाल्या जावो तो माने ले जाजो
धाि ने सांची केदू हतणापूरी रा दर्शन माने प्यारा लागे
हाओ धर्मरावीरा नदी रे कीनारे बगलो मती बान्धो
थाने सांची केदू आवेला हीलारो लेरा बगंलो बह जासी
हाओ धर्मरावीर फलोदी जावो तो माने ले जावे
हाओ धर्मरावीर पावापूरी जावो तो माने ले जाजो
थाने सांची केदू आवेला गोबर पूरी रा दर्शन माने
प्यारा लागे
हाओ धर्म रवीर नीद किनारे बंगलो मत बान्धो
थाने सांची केदू आवेलरा हीलोरी बगंलो बह जासी
हाओ धर्म रावीर मन्दिर रे किनारे बगंलो भले बन्दो
थाने सांची केदू आवेला धर्म रावीर बगंली रह जासी

155 कालेवो
पो पाठी पगडी छवो ने हुई धर्म री बेल
सासूजी ओ मने मारो कलेवो के सुन्दर सी पडे जी
आंगीये कचरी पड्यो ने नहीं पीटा में पाणी
राधा राणी पे नहीं हुई कलसेवा री बेल के।सु ्‌नदर।
इतरो कयो ने रूसिया तो सच मच मेला जाय
राधा राणी ये जडिया बजड़ कीवाड़ के।सुन्दर।
ऐसी राधा लाडकी तो छड़ना उपर राख
माता जी ओ राखी राखा बाडल्या रे पेचो।सुन्दर।
मच मच करता मेला गया ने गया मेलारे माय
राधा राही ये खोलो खोलो बडट किवाड के।सुन्दर।
थारी माता यू कयो ने बोल्या ने इडा बोल
पीयूजी ओ मने मारे पीयरे पहुचावो के।सु ्‌नदर।
राधा तो पीयर गयी ने कल्याण नानेर जाय
माता मारी ये मने मारे सासरिये पहुचावो।
सुन्दर सी पडे।

156 कूकडो
थाने सोनारी चाच रे कूकडा रूपारी पांख रे कूकडा
मूखडे वसे रे कूकडा एलची
अचाक कूकडो मचाक कूकडो
बडी प्रभाते कुकडो बोल्यों कू कू कू खू
सतरूजा मं आदीनाथ जागीया
गीरनाल्या में मेनीनाथ जागीया
जाग्या कहीजे जी शान्तिनाथ देव
बोलो रे आदिवर का कूकडा
आदी ने जगाया सुकर्यो नेमी ने जगाया सू कर्यो
ये र्तो धर्म प्रकाशन देव बोले रे आदिश्वर का कूकडा
ये तो पसूव घूडावन देव र्बोले रे आदेश्वर का कूकडा
ये तो शांता वपरावन देव बोले रे आदेश्वर का कूक
थारे सोनारी चोच रे कूकड़ा रूपारी पांख रे कूकड़ा
मुखडे वसे कूकड़ा एलची
अचाक कुकडो मचाक कुकडो
बडी प्रभाते कुकडो बोल्यो..कू..कू..कू
फलोदी में पारस नाथ जागीया
पावा पूरी महावीरह स्वामी जागीया
जाग्या कहीजे गोतम स्वामी देवे।
पावस ने जागया सू कर्यो महावीर ने जगाया सू क्रयो
ये तो मेलो मडावन देव। बोलो।
ये तो मेरू कपावन देव।बोलो।

157 सवेरा
मोक्ष मार्गीया री ऊची नीची पालो 2
जठे ने नीपजे ओ केवडो जी
केवडला री डाल लूल लूल जावे 2
गूंथ लाई लमाई मलण सेवरो जी
सेवरो तो पेरो माता मोरा देवी रा शीश
शेवा देजी रे पूत आदी नाथ रे सेवरा सोवता
नेमीनाथ रे सेबरा सोवता शान्तिनाथ रे सेवरासोवता
मोक्ष मार्मीया री ऊंची नींची पालो 2
जठे ने नीपजे हरीयो केवडो जी
केवडारी डाल लूल लूल जावे 2
गूँथ लाई मारी मालण सेवरो जी
सेवरो तो पेरे माता बामा देजी रा शीश
शीशला देवी रा पूत पारसनाथ रे सेवरा सोवता
महावीर स्वामी रे सेवरा सोवता
बीन्द राजा रे सेवरा सोबता जी

158 मेन्दी चून्दडी
गढशत्रुं रे हैठ जीओ मोरा देवी हाथ मन्डावीयां
गढ़ गीरनाल्या रे हेट जीयो शेवा देजी हाथ मन्डावीयां
गढ़ हबनापूरी रे हेट जीयो अचला दजी हाथ मन्डावीयां
जागो जागो नाभी राजा रा नन्द बारे तो उबा ओटी वीन्दयोजी
जागो 2 समुद्र वीय जी रा नन्द बारे तो उबा ओटी बीन्दबो
जागो 2 वीश्व सेन जी रा न्नद बारे तो उबा ओटी बीन्दवो जी
जागो 2 वीश्वसेन जी रा नन्दा बारे तो उबा ओटी बीन्दवे जी।
वीणजो 2 केसर ने कपूर दगा ने धर्म री वाला चून्दडी जी
गढ फलोदी रे हेट जीयो बामा देजी हाथ मन्डावीयां
गढ पाबांपूरी रे हेट जीयो त्रीशला देजी हाथ मण्डावीयां जी
गढ़ गोबरापूरी हेठ जीयो पृथ्वी देजी हाथ मण्घावीयां जी
जागो-जागो अश्वसेनजी रा नन्द बारे तो उबा ओटी बीन्दवेजी
जागो 2 सीद्धार्थ जी रा नन्दबारे तो उबा ओटी बीन्दवे जी
जागो 2 विश्वभूतीजी रा नन्द बारे तो उबा ओटी बीन्दवे जी
वीणजा वीणजो केसर ने कपूर दया ने धर्म बाला चून्दडी जी

159 बधावो
कैसी वाणी सुनाय प्रभु वीर स्वामी ने
।।गाती सखियां बधावो प्रभूबीर स्वामी में।।
पहली बाणी कुण्डली पर सूणी श्री पास में त्रीशला बैठी थी
दूसरी वाणी माला मे सूणी थी पास में नन्दी वर्धन बैंठे थे
दुख की बात सुणाई प्रभु वीर स्वामी ने
तीसर वाणी बाग में सूणई थी पास में कोयल बोली थी
दीक्षा लग्न लगाई प्रभु वार स्वामी ने।।गाती।।
चोथी वाणी जंगल में सूणी थी पास में चन्द कोस बैठा था
कैसी समता सीखायो प्रभू वीर स्वामी ने।।गाती।।
पाँचमी वाणी पांवा पूरी सूनी थी पास में गोतम बैठे थे।।
आगम रचना रचाई प्रभू स्वामी ने ।।गाती।।
वीर की वाणी आणम्भ में सूणी थी पास मं रामभत्त बैठे थे
शीव पूर की राह बताई प्रभु वीर स्वामी ने गाती।।
गाती सखोयां बधावो प्रभू वीर स्वामी ने

160 घर रो कलेवो
नाईडो तो गयो परदेश के कूण थारे दानण लावसी जी
दांतण लावे दादोसा रा शीश (नाम) दातण लावसी जी
कन्दोई तो गयो परदेश के कूण थारे छावा लावसी जी
छाबा लावे थारे छाबा लावसी जी
बनडी सारी इगक सरुप रायजादी छाबा जीमसी जी
तम्बोली तो गयो परदेश के कूण थारा बीडला लावसी जी
बीड़ला लावे वेवायां रा शीश भूरोसा बीडला लासी जी
बनडो मारो भर भादरवो मेस रायजादो वडल चाबसी।
क्ोलीडो तो गयो परदेश के कूण थारे ढोल्यो ढालसी जी
क्ोल्यो लावे
बनडी मारी मारी इदक सरुप रायजादी ढोल्ये पोढसी जी
दर्जीडो तो गयो परदेश के कूण थारे कूलंजरीयो लावसी
कूलजरीयो लावे बाबोसा राशीश मामेसा कुल जरीयो लावसीजी
वनडो मारो राय बनी रो फूल राय जादो कुलजरीयो जोवसीजी
साजनीया तो गया परदेश के कूण थारे बनडी जोवसीजी
बनडो जोवे दादोसा रा शीश बाबोसा बना बनी जोवसीजी

161 मेन्दी
रामचन्द्रजी रा बाग में मेन्दी रा तीका पान। मेंदी राचणी।
देवर भूजाई सांचरिया सोनारी छीबलीयगो हाथ। मेंदी
देवर चूठे मेंदी ने भावंज बान्दे पीछ।मेंदी।
गाडा भर भरलावीयां कई धजा री छाया सूखाया
सोवन सोलडा ़यां बाठसां गूजराती कापड छान।मेंदी।
रतन कचोले ओलसा गंगा जल नीर जकोल।मेंदी।
में मारा बाईसा ने यू कहयो मारा लीख 2 मानन्डो हाथ। मेंदी।
जो भूजाईयां कांगसी डडोसन गू थो शीश।मेंदी।
दो जेयठ सा ढोलीय भाभीसा थारी सेज।मेंदी।
दो देवरसा दीवोल दीबराणी सींचो तेल।मेंदी।
दो बाईसा दालीयां नन्दोईसा आपरो कांच।मेंदी।
पेले पांवडीये पग धरीयो मारे जब तक दीवलो हाथ।मेंदी।
दूजो पांवडीये पग धरीयो मारे जब तक दीवरलो हाथ।मेंदी।
इग्ण्ये पावडीयो पग धरीयो मारे लाडूरी छाबा हाथ।मेंदी।
चोथे पावडीयो पग धरीयो मारे जल भर झारी हाथ।मेंदी।
मासू तो धोरी अलगा रही जो मारे दूखे पेठ।सेदी।
में मारा बाईसा में यू कहयो मारा लीख लीख मान्डो हाथ
थारा वीरोसा भोला घणा मारां कदयण नीरख्या हाथ। मेंदी।
ले बाईसा दालीयां नन्दोईसा राज रो काँच। मेंदी।
लो भूजईवा कांगसी सहेलीयां खोलो शीश।मेंदी।
लो जेयठ सा ढोल्यो भाभीसा थारी सेज।मेंदी।
लो देवर सा दीवलो दीवराणी थारो तेल।मेंदी।

162 वीरो चून्दडी
मे था ेन पूछुँ मारा वोरा ओ वीणजारा
नायक ओ ठोडारा तो कीसरे मार्ग होय आव्या जी
गंगा जल ठोयो ये बाई जमना डल डोयो
तो धर्म मार्ग होय आव्या जी
चोवटियो तो कंधो मारा वीरा ओ वीणलारा
नायक हो ठोडारा तो सेरीयां वीरोसा री बालदा जी
पोल्या तो रूधी मारी भावंज ओ चूडला री
गोखडले ओ कंवर भतीजणाजी
रसोडो तो वन्धो मारी बेनड ओ चूड़लारी तो पालण्ये कवर भाणेजणाजी
उचली उचली मेडया वीराजो जामण जाया
वीराजो माता जाया तो लोग जाणे ओ वीरा आव्या जी
उजला उजला कपडा थे पेरो जामण जाया
पेरो माता जाया तो लोग जाणे ओ वीरा उजला जी।
डोरो ने कन्ठा थे पेरो जामण जाया
थे पेरो माता जाया तो लोग जाणे ओ वीरा धनवन्ताजी
लचपच लापसी ललेडो जामण जाया
ललेडो माता जाय तो लोग जाणए ओ वीरा रस भर्योजी
पान फेरा बीडला थे चाबो जामण जाया
थे चाबो माना जाय तो लोक जाणए ओ वीर रग भर्येजी
उवीरे बूलाबो मारी माता जायी बेन तो जामण जायी
को कीस वीध करूंरे पेरावणी जी
मारा सूसरोसा ने वीरा पेचा वधावो तो
मारा सासूजी 3 साडीयां जी
देवर जेठा ने े वीरा साफा बन्धावो तो
देवर जेठाण्या रे पोमचा जी
मारी नन्दरे वीरा पीलोमो लावो तो न्दोईयारे वीरा टो.
थारी भाणीजी रा भरजो थे भांत तो
लाल भाणेजा रे मोल्याजी
थारा बेनोइया रे पाचो पेरावो तो
माने ओडावो बाला चून्दडी जी
अडुम्बे ककुम्बे वीरा लीलड़ा नारेल तो
नगरी में अवल सुपारियाजी
इसडी इसडीपेरावणी पेरावो माता जाया
पेरावो माता जाया तो सुसरोसा बडेरा रे आँगणेजी
वीरा बाई रो आयो है मूला री पीठ
पानी री करग्या पेरावणी जी
भावज बाई रो आयो है साडी पेर तो साडी में पाडी ले गय
झावड बाई रो आया है चोटी डाल तो चोठी में चाठूलेग्या
भाबंव बाई आयो है गलो पेठ तो बगला में तबलो ले गया
वीरा बाई रो खायो सवा मण सूठ तो छेर वीगइयो बाईरा
आगणेजी पूरी रे वलाबे (नाम) बेना परो रे सुधारो घर रो वादू बामा देजी रा पूत  वाँदू त्रीशला देजी रा पूत
बांदू पृथ्वी देजी रा पूत वांदू चन्दन ने रूख
पांउ शकर ने दूध नीरू करेली ओ नगर वेलमू।

163 सूरज
धोलो जी धोलो लई करो धोलो वण्या रो कपास
धोलो सूरज जी रो घोडलो दोलो राणो राणा देश दांत
उगन्ती उजास वर्गो आथण रो सिन्दूर वर्णो
पन्थीडा मार्ग छोड़या गाया रा ठवाल छोड़या
ज्याने जैन धर्म सब सात सहेल्या उगंता प्रभात
रातो रातो काई करो सहेल्या ये रातो कसूम्बा रो रंग
रातो सूरज जी रा थोडलो रातो राणी राणा दे रो चीर
उगन्ती उजास वर्णो आम्तं तो सिन्दूर वरणो
पन्थीडा मार्ग छोड्या गाया रा ग्वाल योड्या
जाने जैन धर्म सब सात सहेल्या उगंते प्रभात
पीलो जी पीलो कई करो सहेल्या पीलो राणा दे रो रंग
पीलो सूरज जीरो घूडलो पीली चीना री दाल
उगंता उजास वर्णो आतत तो सून्दरू वरणो
पन्थीडा मार्ग छोड्या गाया रा ग्वाल छोड्या
जाने जैने धर्म सब सात सहेल्या उगता प्रभात
हरीयो जी हरोयो कई करा सहेल्या हरीयो सावण्या रोघास
हरीयो सूरजजी रो घूडलो हरियो राणा दे रो चीर
उगतो उजास वर्णो आतन्त तो सिन्दूर वर्णो

164 चोबीसी
पेला रीरवब नाथ जीन जीन वान्दू
दूजा अजीत नाथ देव प्रभूजी मारा
इग्ण्या सम्भव नाथ जीन जीन वान्दू
चोथा अभीननल देव प्रभुजी मारा
पाचंमा सूमती नाथ जीम जीन वान्दू
छठा पद्य प्रभू देव प्रभूजी मारा
सातमा पार्श्वनाथ जीन जीन वान्दू
आठमा चन्द्र प्रभु देवो प्रभुजी मनारा
सतरुजे जाव ने गीरनाल्यां जाबू
दरसन कर सूख पावू प्रभूजमी मारा
केसर चन्दन घणा रे घोठावू
प्रभुजी रो पूजा रचावू प्रभूजी मारा
वास पचखू ने बेला जी पचखू
पांच पचख खुशी होवू प्रभूजी मनारा
वनमा सूवधी नाथ जीन जीन वान्दू
दशमा शीतल नाथ देव प्रभूजी मारा
इग्यारहमा श्री हंस जीन जीन वांदू
वारमा वासू पूज्य देव प्रभुजी मारा
तेरमा वीमल नाथ जीन जीन जीन वांदू
चूवदमा अनन्त नाथ देव प्रभूजी मारा
पदरहमा धर्म नाथ जीन जीन वांदू
सोलहमा शांति नाथ देव प्रभूजी मरा
हतणापूरी जावू ने फलीदी जावू
दरसन कर सुख पावू प्रभूजी मारा
धूप जगावू दीप जलाऊ
आरती कर सुख पावू प्रभूजी मारा
धूप जागवू दीप जलाऊ
आरती कर सुख पावू प्रभूजी मारा
पांच पचखू ने आठम पचखू
पंदरह पचख हर्ष मनावू प्रभूजी मारा
सतरह मां कुथू नाथ जीन जीन वांदू
अठारह मां अरीहन्त प्रभु जी मारा
उगनीसा मां मली नाथ जीन जीन वांदू
वीसमा मूनी सूव्रत देवो प्रभूजी मारा
इकीस मां नेमी नाथ जीन जीन वांदू
बाइसमां रीठ नेमी देव प्रभुजी मारा
तेइस मां पारस नाथ जीन जीन वांदू
चोवीस मा महावीर प्रभु जी मारा
पाँवा पूरी जावू ने गोबरा पूरी जावू
दरसन कर सुख वांवू प्रभुजी मारा

165 चौबीसी
पेला वांदू जी श्री रीखब जीनेश्व दूजा अजीत नाथ वांदसा
इग्ण्या वांदुजी श्री सम्भव जीनेश्व चोथा अभीनन्दन वांदसा
पाचमा बाँदुजी श्री सुमती जीनेश्व छठा पद्य प्रभु वांदसा
सातमा वांदुजी श्री सूपार्श्व जीनेशअव आठमा चन्द्दा प्रभु वांदसा
हाथ जोड़ ने जोन जी लागुली पाय श्याम सुनोजी मारी बिनती
प्रभु सुणो जी मारी विनती बोल्या बोल्या ए सखी मारे दादर मोर
लाल झरोखा बोली कोयली रतन झरोखा बोली कोयली
सजेम लेसी में सखी मारे आदिनाथ नेमीनाथ मुक्ति मार्ग में मालसी
नवमा वांदूजी श्री सूवधी जीनेश्व दसमा शीतल नाथ वाँदसा
इग्यएंमा वांदुजी श्री हंसजी जीनेशव्र बारमा वासु पूज्य वांदसा
तेरमा वांदुजी श्री विमल जीनेश्व चवदहमा अनन्ती नाथ वाँदसा
पदरहमा वाँदगुजी श्री धर्म जीनेश्व सोलहमा शान्ति नाथ वाँदसा
हाथ जोड़ने जी लागुली पाय श्याम सुणोजी मारी विनती
प्रभु सुणोजी मारी बिनती बोल्यो बोल्या ए सखी मारे दादर मोर
लाल झरोखा बोला कोयली रतन झरोखा बोली कोयली
सजंम लेसी ने सखी मारे शान्तिनाथ पारसनाथ मुक्ति मार्ग में मालसी
सतरहमा वाँदुजी श्री कुन्थू जी जीनेश्व अठारहम अरीहन्त वाँदसा
उनीसमा बादुजी श्री मली जीनेश्व वीसमा मूनीसूब्रत वाँदसा
इक्कीसमा वाँदुजी श्री नेम जीनेश्व बाईसमा रोठनेमी वाँदसा
तेइसमा वाँदुजी श्री पारस जीनेश्व चौबीसमा महावीर सामी वाँदमा
हाथ जोडने जीनजी लागुली पाय श्याम सुणोजी मारी बिनती
प्रभु सुणोजी मारी विनती बोल्यो बोल्या ए सखी दादर मोर
लाल झरोखा बोली कोयली रतन झरोखा बोली कोयली
सजंम लेसी ये सखी महावीर स्वामी गोतम स्वामी मुक्ति मार्ग में मालसी जी

166 हतण्डी
हतण्डी सीणगारी जे ओ आदीनाथ कवंर
सीणगारी जे तो मोरा देवी छत्तर डोले
हतण्डी सीणगारी जे ओ नेमीनाथ कवंर
सीणगारी जे तो शेवा देवी छत्तर डोले
हतण्डी सीणगारी जे तो शांति नाथ कवंर
सीणगारी जे तो अचला देजी छत्तर डोले
हतण्डी सीणगारी जे ओ पारसनाथ कवंर
सीणगारी जे ओ वामा देजी छत्तर डोले
हतण्डी सीणगारी जे ओ महावीर स्वामी
सीणगारी जे तो त्रीशला देजी छत्तर डोले
हतण्डी सीणगारी जे ओ गोतम स्वामी
सीणगारी जे ओ पृथ्वी देजी छत्तर डोले

167 सपनो
गुण भर ओरी ने पोडया है गोरी तो चवदे ओ सपना
राणीजी लीया जी पेले ओ सपना में घेवर देवया तोदुजे
ओ रीखब सो लाखीया जी इग्ण्ये सपना में सींगज
देख्या तो चोथे ओ लक्ष्मी आ देवता जी पांचमा सपनाने
फूला री माला तो 2 छठे ओ चांद पवासीयाजी सातमा
सूरज आठमी धजा तो नवमे ओ कलश रतना
जडीयो जी पद्य. सरोवर राणी वजमा ओ देख्या तो
वीर समुन्द्र देख्या इग्यारमां जी देव वीमाणज राणी
बारमा देख्या तो रूण झूण घण्ठा मादल बाजीयां जी
रतना री रासक राणी तेरमी देखी तो अग्न सीखाओदीठा
चवदमां जी सीधारथ राजा ने पीलंगज पोढ्यां तो राणो

168 सपनो
ओ जाय जगाव्यां जी जागो जागो तो मारा सिद्धार्थ
राजा तो इन ने सपना रो स्वामी फल कीसी जी
हम पट राजा ने तुम कूम राणी तो पूत तीर्थकर राणी
अवतरीयाँ जी सिद्धार्थ राजा जोसी जी बू ुनलाया तो
जोसी जी ओ आया तन्थ सारसू जी नाम दिरायो
वद्री भानजी सोनारी छूरिया सुनालो परनाल्यो तो
रूपा रा थाल बजांवीयां जी गंगा जल नीर नवाय ने
लीधा तो जोलाय ने लीधा तो पीलो डेपाठ परेय्याजी
धर्म पालकढे पोडावीया जी सिद्धार्थ राजा ने दसोटन
थाप्या तो तेतीस करोड़ देवता ने नीवतर्या जी खाजा
तो लाडू ने सरस जलेबी तो घेवरियां छठायं ा दूणी
खाण्डा राजी जीमियां छूठीयां देवता ने हुवा रे
संजोगो तो हुवपा रे संजोगो तो मूछणियां दीरावे डोडा
ऐलची जी लुगं सुपारी ने पान केरा बोडला तो
मूछणीयां दीराई भवरा भावंसुजी चाबिया चूबिया
देवता ने  हुवा रे संजोगो तो पेरावाणी पेराबी राणीयां
सावटू जी सिद्धार्थ राजा ने सीणियां मोलाय तो सावटू
मोलाय तो बासठयां मीलाय मूँगा मोलरी जी वेरीयां
ओढ़्या देवता ने हुवा रे संजोगो तो सीख दिराई भवरा
भावंसू जी चारू तो दीशा में राजा तणीया बंदावोतो
उपर रालो बाला चून्दडी जी रतन जडत रा राज
बाजोज्या मंगावोतो कूम्भ कलश आरे आगेर धरो
जी भण्यो तो गुण्यो राजा जोसीजी बुलाबो तो
त्रीशला देजी सूरज पूजसजी कांच कावल री
राजा बावडिया खूदावी तो त्रीशला देजी जलबा पूजसी
माता ने मोरा दे सूख भोगवे जी माता ने सेवा दे
सूख भोगवे जी माता ने अचला दे सूख भोगवे जी
माता ने वामा सूख भोगवे जी माता ने त्रीशला ा दे
सूख भोगवे जी इन्द्रा री इन्द्राराणीयां सूख भोगवे जी
घणी री लूगायां सूख भोगवे जी वीर रो बना सूख
भोगवे जी बठा री मार्ग सूख भोगवे जी गावन
बाल्या सूख भोगवे जी सुणण वाल्यां सूख भोगवे जी

169 भाव
नामी राजा दरबार चम्पो बोत फलीयो जी
समुद्र वीय दरबार चम्पो बोत फलीयो जी
विश्व सेन दरबार चम्पो बोत फलीयो जी
आवे सूधंधी वास ख्याली ख्याल मचीयो जी
चालोनी करोनी वीचार आदिनाथ जी रो व्याव मण्डीयों जी
चालोनी करोनी वीचार नेमीनाथ जी रो ब्याव मण्डीयो जी
चालोनी करोनी वीचर शांतिनाथ जी रो व्याव मण्डीयो जी
परण्या सू मगंला नार समूद्ररा भरतार मील्या जी
नहीं परण्या राजूल नार समुद्र रा भरतार मील्या जी
परण्या रत्नावती नार समुद्र रा भरतरा मील्या जी
जब कोई नव लाख आदि नाथ जी दान दीयो जी
नव कोठी नव लाख नेमीनाथजी दान दीयो जी
नव कोठी नव लाख शान्तिनाथजी दान दीयो जी
लीनो हे संजम भार मूकया  े वास कीयो जी
अश्व सेन दरबार चम्पो बोत फलीयो जी
सिद्धार्थ दरबार चम्पो बोत फलीयो जी
वीश्व भूती दरबार चम्पो बोल फलीयो जी
आवे सूगन्धी वास ख्याली ख्याल मच्यो जी
चालोनी करोनी वीचार पारसनाथजी रो ब्याव मडीयोजी
चालोनी करोनी वीचार महावीर स्वामी रो ब्याव मंडीयो
परण्या प्रभावती नार समुद्र रा भरतार मील्याजी।
परण्या जसोदा नार समुद्र रा भरतार मील्या जी।
नहीं परणअया गोतम स्वामी बाल ब्रह्मचारी रहया जी
नव कोटी नव लाख पारसनाथजी दान दीयो जी
लीधो है संजम भार मूक्तयाँ में वास कीयो जी।

170 भांवा
करेलडी ए दूर कडोयाँ घर जावो के
चान्द छीप्याँ घ जावो के
वान्दू मोरा देजो रा पूत वान्दू शेवा देई रा पूत
वान्दू अचला देजी रा पूत वान्दू चनन्द ने रूख
पाउं शकर ने दूध नीरू करेली ओ नगर वेलडी
करेलडी ए दूर कडीयां घर जावो के
चान्द छीप्यां घ जावो के

171 आरती कलेवो
सोना री झारी ने केलू रा दांतन
दातण्याँ करो चन्द्रा प्रभुजी
।।झीग मीग आरती सोवे चन्द्रा प्रभुजी।।
झीग मींग आरती सोवे ओ कंवरजी।।
फीणा तो रोटी ने लूणी रो लचको
वलेवो करो चन्द्रा प्रभुजी।।झीग।।
खाया तो लाडू ने सरस जलेबी
जीमण्यां करो चन्द्रा प्रभुजी।।झीग।।
लूँग सुपारी ने पान केरा बीडला
मूछण्यां करो चन्द्रा प्रभुजी।।झीग।।
पतला तो फका ने उडदा री दालो
व्यालूडा करो चन्द्रा प्रभुजी।।झीग।।
हीगलूतो ढोल्यो ने साबटु री सेजा
पोढण्या करो चन्द्रा प्रभुजी।।झीग।।
कचीयो तो कुक ने छोका डावल्यां
तील्क्या करो चन्द्रा प्रभूजी।।झीग।।
झीकस जामा ने पेचा केसरीयां
सीरपांव करो चन्द्रा प्रभुजी।।झीग।।
लीली तो घोडी ने लाल पीलाणो
परणं पधारो चन्द्रा प्रभुजी।।झीग।।
हाथाँ देवो रे तम्बोला बीड़ला देवो जी पाका पानारा
फलोदी सू पारसनाथ पधारीयाँ
पावाँ पूरी सू महावीर सामी पधारीया
आया कहीजे जी अशव् सेण जी रा नन्द।।आँगण
आयाँ कहीजे जी सीद्धार्थ जी रा नन्द।।आँगण
माता वामा देजी नन्द जगावीयाँ माता त्रीशला देजी नन्द जगावीया
जागो जागो हो नन्द गावण वाल्याँ घर जावो
हाथा देवो रे तम्बोल बीड़ला देवो जी पाका पानाग

172 चून्दडी
नेन कणारी बाजरी जी झीरमीर बरसेला मेष
सोनारी इडोणी पाणी साचरोयां जी
चार देवत मील पूछीयो जी कढोडे गमायी सारी रात
कठोडे भीजी चून्दडी जी
गया था नामी राजा रा मेल मेजी
गया था समूद्र वीजय रा मेल में जी
गया था वीश्व सेन जो रा मेल में जी
उठ ही गमाई सारी रात उठेई भींजी चून्दडी जी
केसर रा नारख्या छाठणा जी गूलालारो छयन पारउ
उठेई भींजी चून्दडी जी
नेन कणारी बाजरी जी झीरमीर बरसेला मेष
सोनारी इडोनी पानी साचरीयाँ जी
चार देवत मील पूछयो जी कठोडे गमायी सारी रात
कठोडे भींजी चून्दडी जी
गया था अश्व सेन जी रा मेल में जी
गया था सिद्धार्त जी रा मेल में जी
गया था वीश्व मूती जी रा मेड में जी
उठे ई गमायी मारी रात उठे ई भींजी चून्दडी जी
केसर रा नाख्या छाठणा जी गूलाल रो छेयन पार
उठे ही भींजी चून्दजी जी
उदीया तो पूर सूबीज मगांवीया जी
वाया है बेल रेत जी। ऐसा हटीला नेमीश्वर कीं हुवा जी
बारे बरसा री राजूल कई तजो जी
दुधा तो दइया मेन्दी खींच सा जी माकखणा री पाल बधाय जी
खूरपा तो खरूपा मेन्दी नीन्दा सा जी
सोना री छूरीयां मेन्दी वाडसा जी।।ऐसा।।
सोना रे छीबल्ये मेन्दी लाव्या जी
उतारी चन्दन चोकमें जी सदा घर फीर फीर जाय।।ऐसा।।
ए कूण सा मेन्दी मोलवे जी
ए कूण सा खर्चेला दाम जी।ऐसा।।
समुद्र वीयज जी मेन्दी मोलवे जी
उग्रसेन जी खर्चेला दाम जी।।ऐसा।।
सोहन सीलडांया मेन्दी वाट सा जी
गुजारती कापड छाण जी।।ऐसा।।
रतन कचोले मेन्दी ओलसाजी
गंगा जल नीर झकोले जी
गंगा जल नीर झकोले जी।ऐसा।।
नेम जी रे दो धी चीठू आगंली जी
राजूल रा माण्डया दोनों हाथ जी।।ऐसा।।

173 मेन्दी
नेमीजी रे राची चीठू आचंली जी
राजूल रा राच्या दोनों हाथ जी।।ऐसा।।
थारी राझूल बाई फूम्बरी री छपाई मगंल बार जी
नहीं ओढी नहीं नीरख्या जी
रहयो रग रेजा रे हाठ रे।।ऐसा।।
थारो नेमीश्वर मोल्यो जी रगायो मगल वार जी
नही परयो नही नीरख्या जी
रहयो रंग रेजा री हाठ रे।।ऐसा।।
राजूल भाई थारो चूडलो जी चीरायी मगंल वार जी
नही पेरयो नीरख्या जी
रयो रे चीरोयारी हाठ रे।।ऐसा।।
थारी नेमीश्वर चून्दडी जी गडाई मगंल बार जी
नही लाया नही पेरयो जी रही रे सोनीडा री लाठ रे।।ऐसा।।

सवीये साँझ
174 मोती
गढ गीरवर सू नेमीसर उतर्या
दोनों माता जी दोय मोती जी
सोही झी देख ने सोही जी मागे
तो मोती कठासू लाता जी
इतरो क्यो बालूडो ने रूसीयो तो
दोड्या कचेरीयां जी
दादा मनावे ने बाप मनावे तो
मारा बालूडा ने कूण मारया जी
माता सेवा ने मनावन लागा तो
दोरबा बजारा चायो जी
छोका छोका बालूडा ने मोणा गडाबू
तो पगामें झांझरीया जी
काई रे करू थारा छोका ची गोणा तो
परथ नही फेरू झांझरीयां जी
छोका छोका बालूडा रे कपडा सोवाबू
तो टोपी रतन जडाबू जी
कई रे करू थारा छोका जी कपड़ा
तो परथ नही पेरू टोपी जी
छोका छोका बालूडा रे चकरी
जो झवंरा तो दडीयां मोती जडाबू जी
कई रे करू थारा चकरी जी भवंरा
परथ नही खेलू दडीयां जी
कोरी कोरी कूलडी में दइडो जमाव
तो गोडे बेठ जीमावू जी
कई रे करू थारा कोठा दइडा
तो गोडे बेठ नही जीमू जी
डाबी जी खोल दोय मोती जी
दी धा तो मोती पीछो कडे वाया जी
पो पाटी मोती वावण लागा तो

175 तारो
आज शहर मे मारी सैय्या ये तारो उगीयो
जाय जगावो नाभीराजा रां नन्द के तारो उगीयो
जाय जगावो समूद्र बीजयजी रा नन्द के तारो उगीयो
जाय जगावो वीश्व सेनजी रा नन्द के तारो उगीयो
आदी नाथ जी धर्म प्रकाशन देबो के तारो उगीयो
नेमी नाथ जी पसूब छूढावन देवो के तारो उगीयो
शान्तीनाधझी शांता वपरावन देवो के तारो उगीयो
आज शहर में मारी सय्या ये तारो उगीयो
जांय जगांवो अश्वसेनजी रा नन्द के तारो उगीयो
जायं जगावो सीद्धार्थ जी नन्द के तारो उगीय
जांय जगावो वीश्वभूती जी रा नन्द के तारो उगीयो
पारसनाथजी मेलो मन्डावन देवो के तारो उगीयो
महावीर स्वामी मेरू कम्पावन देवो के तारो उगीयो
गोतम स्वी प्रसन पूछण देवो के तारो उगीयो
सूरजी जी कूल मांय उगण देव के तारो उगीयो
वीनायक जी रीद सीध देवण देव के तारो उगीयो
काला गोरा रीक्षा करण देव के तारो उगीयो

176 दिवलो
मारे ने आगण्ये चन्दणीयां रो रूखो
इन्द्र आरेने इन्द्राणीयां जी आवे
जा बेठा माता मीरा देवी आवे ओ
जा बेठा माता सेवा देवी आवे ओ
जा बेठा माता अचला देवी आवे ओ
चाँद सरीखा आदी नाथ जलमीयां जी
चाँद सरीखा नेमी नाथ जलमीया जी
चाँद सरीखा शान्तीनाथ जलमीयां जी
भल जाया भल उपना मारे नाभी राजा धरी दीवलो ओ
भल जाया भल उपना मारे समूद्र वीजय घर दीवलो जी
भल जाया भल उपना मारे वीश्व सेन घर दिवलो ओ
धर्म प्रकाशन मीठा देवता जी
पसूव छूडावन मीठा देवता जी
शाता वपराबन मीठा देवता जी
मारे ने आगण्ये चन्दणीयां जी रो  ूरख
इन्द्र आवे ने इन्द्राणीयां जी आवे
जा बैठ माता वामा देजी आवे ओ
जा बैठा माता त्रीशला देजी आवे ओ
जा बैठा गाता पृथ्वी देजी आवे ओ
चाँद सरीखा परासन नाथ जल्मीयां जी
चाँद सरीखा महावीर सामी जलमीयां जी
चाँद सरीखा गौमत सामी जलमीयां जी
भल जाया भल उपना मारे अश्व सेन घर दिवलो ओ
भल जाया भल उपना मारा सीद्धार्थ घर दिवलो ओ
भला जाय भल अपना मारा वीव्व भूती घर दिवलो ओ
मेलो मण्डावन मीठा देवता जी
मेरू कम्पावन मीठा देवता जी
प्रसन पूछण मीठा देवता जी
कूल मांय उगण मीठा देवता जी
रीद्धि वपरावण मीठा देवता जी
रीक्षा करूण मीठा देवता जी

177 वीरा
सूभद्रा आवनीने कहयो सूण जामण जाया वीर
कूण माने चून्दड़ ओढावसी वदंन बन सब धीर
वीरा वरजू बीछाई गोद
वीरा देखो भावज कूरलावती जी
वीरा कूण थाने वीरा खूण थाने दीयो परमोंद ओ
वीरा क्यू छोडी वीरलावती जी
वेनड़ लेसु बेनड़ लेसु संजम भार ओ ़
बेनड़ को कीणारे संग चालसी जी
बेनड़ परणी बेनड़ परणी नही चाले लार ओ
बेनड़ करणी हो साथे चालसी जो
वीरा रत्नासू वीर रत्नासू जड़ीयां धाम ओ
वीरा कमीय नही कीण बातरी जी
बीरा झट पट वीरा झटपट मत देवू छेय ओ
वीरा कूण मारी करसी खातरी जी
बेनड़ रतनासू बेंनड़ रतनास जडीयां धाम ओ
बेनड़ वार अनन्ती रूम्याँजी
बेनड़ सार्या बेनड़ सार्या आत्मा काज ओ
बेनड़ काल अनन्ती गमाव्यो जी
वीरा नही से ओर वीर ओ
वीरा कूण मारे चूनीड ओढ़ावसी जी
वीरा जावो वीर जावो आदीनाथ री पोल ओ वीरा धर्म प्रकाशीयो
वीरा जावे वीरो जावो नेमीनाथ री पोल ई वीरा पसूव छूड़वीयाजी
बेनड़ जासू बेनड़ जासू शान्ती नायरी धरा ओ शाता वपरावसी जी
बेनड जासू बेनड जासू पारस नाथ री द्वारा ओ मेलो मन्डावसी जी
बेनड जासू बेनड जासू महावीर सामी री द्वार ओ भेरू कम्वासी जो

178 कुकडो
शत्रुजाँ स आदीनाथ पधारियां गीरनालियाँ सू नेमीनाथ पधारियाँ
हतणापूरी सू शान्तीनाथ पधारिया
आँयाँ कहीजे जी नाभी राजा रा नन्द
।।आँगण बोल्यो कूकडो।।
आंया कहीजे जी समुद्र विजय जी रा नन्द।।आँगण।।
आयाँ कहीजे जी वीश्व सेन जी रा नन्द।।आँगण।।
माता मोरी देजी नन्द जगावीयाँ माता शेवा देजी नन्द जगावीया
माता अचला देजी नन्द जगावीयाँ
जागो जागो हो नन्द गावण वाल्यां घ जावे (दो वार कहना)
दफोरा दीय लागाज जी
सांज पड्या मोती लाबक झूमक
गाडा घर भर लाया जी
माता शेवा दे अवेरण लागा
ओराजी भर्या ने ओरी जी भरीया
तो माटा मटकीयां जी थाल भर मोती
घर घर दीधा तो अडुम्बे कंडुबे दिदा जी
उपर वाडे पाडोसण जाके तो
आधी पाती मारी जी
उपर वाडे पडोसण जाके आ बुद्धी कूण दिधी जी
माता मोरा देजी रा कबर आदीनाथ
आ बुद्धि बें दिधी जी
माता अचला देजी रा कवर शांतीनाथ
आ बुद्धि बें दिधी जी
माता वामा देजी रा कवर पारस नाथ
आ बुद्धि वे दिद्वी जी
माता त्रीशला देजी रा कवर महावीर सामी
आ बुद्धि वे दिधी जी
इसडो जागू तो कंवर नेमीश्वर
देती तोडी हारी जी
बेला रा वाया मोती नीपजे माता तो
हार कठासु लाता जी
कंवर नेमीश्वर रा मोती गावी जी
जा घर मंगला चोरी जी

179 बधावो
आज तो बधावो राजा नाभी रे दरबार रे
आज तो बधावो राजा समूद्र वीजयजो रे दरबार रे
आज तो बधावो राजा वीश्व सेन जी रे दरबार रे
मोरा देवी बहेठो जायो रीखवब कुमनार रे
शेवा देवी बेठो जायो नेम कुमार रे
अचला देवी बेठो जायो नेम कुमार रे
अयोध्या में उछब होबे बोले जय जय कार रे
गीरनाल्या में उछब होवे बोले जय जय कार रे
हूतणापूरी में उछब होवे बहोले जय जय कार रे
धननन धनन घन्टा बाजे देव करे थई कार रे
इन्द्र इन्द्राणी मंगल गावे लावे मोती माल रे
चन्दन चर्ची पाय लागु प्रभु जोबो चीरम काल रे
तीर्थकर उबा दानज देवे बरसे आखण्ड धार रे
गाँव नगर पूर पाठन देवे े देव मणी भण्डार रे
हाथी देवे साथी देवे देवे रथ दूकार रे
हीर चीर पीताम्बर देवे देव सभी सीणगार रे
तीन लोक में दीन गर प्रगटयो घर घर मंगला चार रे
केवल कमला रूप नीरंजन आदेश्वर दयाल रे

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