आपाणो राजस्थान
AAPANO RAJASTHAN
AAPANO RAJASTHAN
धरती धोरा री धरती मगरा री धरती चंबल री धरती मीरा री धरती वीरा री
AAPANO RAJASTHAN

आपाणो राजस्थान री वेबसाइट रो Logo

राजस्थान रा जिला रो नक्शो
(आभार राजस्थान पत्रिका)

Home Gallery FAQ Feedback Contact Us Help
आपाणो राजस्थान
राजस्थानी भाषा
मोडिया लिपि
पांडुलिपिया
राजस्थानी व्याकरण
साहित्यिक-सांस्कृतिक कोश
भाषा संबंधी कवितावां
इंटरनेट पर राजस्थानी
राजस्थानी ऐस.ऐम.ऐस
विद्वाना रा विचार
राजस्थानी भाषा कार्यक्रम
साहित्यकार
प्रवासी साहित्यकार
किताबा री सूची
संस्थाया अर संघ
बाबा रामदेवजी
गोगाजी चौहान
वीर तेजाजी
रावल मल्लिनाथजी
मेहाजी मांगलिया
हड़बूजी सांखला
पाबूजी
देवजी
सिद्धपुरुष खेमा बाबा
आलमजी
केसरिया कंवर
बभूतौ सिद्ध
संत पीपाजी
जोगिराज जालंधरनाथ
भगत धन्नौ
संत कूबाजी
जीण माता
रूपांदे
करनी माता
आई माता
माजीसा राणी भटियाणी
मीराबाई
महाराणा प्रताप
पन्नाधाय
ठा.केसरीसिंह बारहठ
बप्पा रावल
बादल व गोरा
बिहारीमल
चन्द्र सखी
दादू
दुर्गादास
हाडी राणी
जयमल अर पत्ता
जोरावर सिंह बारहठ
महाराणा कुम्भा
कमलावती
कविवर व्रिंद
महाराणा लाखा
रानी लीलावती
मालदेव राठौड
पद्मिनी रानी
पृथ्वीसिंह
पृथ्वीराज कवि
प्रताप सिंह बारहठ
राणा रतनसिंह
राणा सांगा
अमरसिंह राठौड
रामसिंह राठौड
अजयपाल जी
राव प्रतापसिंह जी
सूरजमल जी
राव बीकाजी
चित्रांगद मौर्यजी
डूंगरसिंह जी
गंगासिंह जी
जनमेजय जी
राव जोधाजी
सवाई जयसिंहजी
भाटी जैसलजी
खिज्र खां जी
किशनसिंह जी राठौड
महारावल प्रतापसिंहजी
रतनसिंहजी
सूरतसिंहजी
सरदार सिंह जी
सुजानसिंहजी
उम्मेदसिंह जी
उदयसिंह जी
मेजर शैतानसिंह
सागरमल गोपा
अर्जुनलाल सेठी
रामचन्द्र नन्दवाना
जलवायु
जिला
ग़ाँव
तालुका
ढ़ाणियाँ
जनसंख्या
वीर योद्धा
महापुरुष
किला
ऐतिहासिक युद्ध
स्वतन्त्रता संग्राम
वीरा री वाता
धार्मिक स्थान
धर्म - सम्प्रदाय
मेले
सांस्कृतिक संस्थान
रामायण
राजस्थानी व्रत-कथायां
राजस्थानी भजन
भाषा
व्याकरण
लोकग़ीत
लोकनाटय
चित्रकला
मूर्तिकला
स्थापत्यकला
कहावता
दूहा
कविता
वेशभूषा
जातियाँ
तीज- तेवार
शादी-ब्याह
काचँ करियावर
ब्याव रा कार्ड्स
व्यापार-व्यापारी
प्राकृतिक संसाधन
उद्यम- उद्यमी
राजस्थानी वातां
कहाणियां
राजस्थानी गजला
टुणकला
हंसीकावां
हास्य कवितावां
पहेलियां
गळगचिया
टाबरां री पोथी
टाबरा री कहाणियां
टाबरां रा गीत
टाबरां री कवितावां
वेबसाइट वास्ते मिली चिट्ठियां री सूची
राजस्थानी भाषा रे ब्लोग
राजस्थानी भाषा री दूजी वेबसाईटा

राजेन्द्रसिंह बारहठ
देव कोठारी
सत्यनारायण सोनी
पद्मचंदजी मेहता
भवनलालजी
रवि पुरोहितजी

मारवाड़ी विवाह गीत

संकलन- श्रीमती सुगनीबाई बोहरा, श्रीमती कंचनबाई गादिया

302 बडी घोडी
घोडी घडासू उतरी ओ वीणजारा जी
काई सात कंवर शीर फूल नवल वीणजारा जी
आण उतारी चन्दन चोवटे ओ वीणजारा जी
काई सदा घर फीर फर जीय नवल वीशजारा जी
एकूणसा घीढी मोलवे जो वीणजारा जी
काई ए कूण सा खरचेंला दाम नवल वीणजारा जी
दादासो घोडी मोलवे ओ वीणजारा जी
काई बाबोसा खरचे ला दाम नवल वीणजारा जी
काकोसा घोडी मोलवे ओ वीणजारा जी
का ी वीरोसा खरचेला दाम नवल वीणजजारा जी
एकूणसा घोडी लाव्या ओ वीणजारा जी
काई एकूणसा ठाण बन्धाय नवल वीणजारा जी
एतो भूरोसा ठाण बन्धावसी ओ वीणजारा जी
काई बेनोसा खूवारो फेराय नवल वीणजारा जी
ए तो कूणसा दूध पीलावली ओ वीणजदारा जी
काई ए कूणसा नीरे नागर वेल नवल वीणजाराजी
ए तो बेनोसा दूध पीलावसी ओ वीणजारा जी
काई भूरोसा नीरे नागर वेल नवल वीणजारा जी
ए तो माथे तो मीण्डी मेण री ओ वीणजारा जी
काई तेजन तीलक लीलाड असल  वीणजारा जी
ए तो हीरा जडीयो ताजणो वीणजारा जी
का ी मोत्या जडी रे लगाम नवल वीणजारा जी
ए तो आगलडा खूर वाजण ओ वीणजारा जी
का ी पाछलडा झीण्कार असल वीणजारा जी
ए तो घोडी तो भले सीणगारयाँ ओ वीणजारा जी
काई आवे बनडो सीणगार नवल वीणजारा जी
ए तो पेची तो सोहे केसरीयाँ ओ वीणजारा जी
ए तो पेची तो सोहे केसरीयाँ ओ वीणजारा जी
का ी तूरा रो अधिकार असल वीजणजारा जी
ए तो छेलो तो सोहे ढलकन्ता ओवीणजारा जी
काई गुडदारो अधिकार नसल वीणजारा जी
ऐ तो डोरो तो लोवे नबलडया ओ वीणजारा जी
काई कण्ठा रो अधीकार असल वीणजारा जी
ऐ तो घडीयां तो सोवो नवलखी ओ वीणजारा जी
काई पठ्ठा रो अधीकार नवल वीणजारा जी
ऐ तो अंगूठी बनासा ने सोवती ओ मीणजारा जी
काई छला रो अधिकार असल वीणजारा जी
ये तो जामा बनासा रे केसरीयां ओ वीणजारा जी
का ी कनसा लास गुलाल नवल वीणजारा जी
एतो सूरतन सोवे सावटी रे वीणजारा जी
काउ मेन्दी राता पान नवल वीणजारा जी
ऐ तो पाँव लाखीणी मोचडी ओ वीणजाया जी
काई सबटडी सतलवार असल वीणजाया जी
एतो बनडा तो भले सीणगारयां ओ वीणताया जी
काई अबे जान्या सीणगार नवल वीणजारा जी
एतो आधा तो जानी केसरीयाँ ओ वीणजाया जी
काई आधा लाल गुलाल असल वीणजाया जी
ए तो जानी तो भले सीणगार्या ओ वीणजारा जी
काई अबे जाननीयाँ सीणगार नवल वीणजारा जी
ए तो मातो थो धोय मेठ सु ओ वीणजारा जी
काई डाबा में तेल फुलेल असल वीणजारा जी
ए तो गेर गुमालो नागरो ओ वीणजारा जी

काई ओडण दीकणी रो चीर नवल वीणजारा जी
एतो जाननीयाँ तो भले साणगारीयाँ ओ वीणजारा जी
काई अबे रतडो सीणगार असल वीणजारा जी
ए तो ऊची ऊची छतर्या ढकन्ती ओ वीणजारा जी
काई राती पीली झूल जोढांय नवल वीणजारा जी
ए तो रथडो तो भल सोणगारयां ओ वीणजारा जी
का ी अबे बेल्या सीणगार असल वीणजारां जी
ए तो सोने तो रूपे सीगडो ओ वीणजारा जी
काई रातो पीली झूल  ोढाय नवल वीणजारा जी
ए तो बल्या तो भले सीणगार्या ओ वीणजारा जी
काई अबे हाली सीणगार असल वीणजारा जी
ए तो माथे कसूम्बल पागडी ओ वीणजारा जी
काई सोवन मूर्की कान नवल वींणजारा जी
ए तो देय नगार चडगया हो वीणजारा जी
काई साने (नाम) का शीश असल वीणजारा जी
ऐ तो जाय उतर्या हरीया बाग में ओ वीणजाराजी
काई पडेरे नगारी ढोर असल वीणजारा जी
ए तो आगे ब्याईसा डरपडयां ओ वीणजारा जी
काई सगली (जात का नाम) को बरात नवल वीण-
ए तो व्याही तो घर र्माय घूस गया ओ वीणजाराजी
का ी ब्याण करे रे (ज्वार) जवांब असल वीणजारा
ये तो गाडा में ल्याय खीचडी ओ वीणजारा जी
मे तो नोल्या में लाया रूपया रोक नवल वीणजाराजी
मे तो खासा खरचासा गाठ की वीणजारा जी
काई राखा व्यावायरी सोभ असल वीणजारा जी
ए तो थारे वीन्दराजा सासरे ओ वीमजारा जी
काई लेसा दुबड़ भांत नवल वीणजारा जी
ए तो दोय सीरा दोय लापसी ओ वीणजारा जी
काई असल जलेबीयां रा भात असल वीणजारा जी
ए तो थारे बीन्द राजा सासरे ओ वीणजारा जी
काई लेसा सोले वेस नवल वीणजारा जी
ए तो दोय सीणीयाँ दोय सावटू ओ वीणजारा जी
काई असल चून्दडीयां रा वेस असल वीणजारा जी
ए तो चारू तो टूकडीयां डायजो ओ वीणजारा जी
काई देव गडोय बड थाल नवल वीणजारा जी
ए तो परम गुरण घर आव्या ओ वीणजारा जी
काई पडे रे नगारा री ठोर असल वीणजारा जी
ए तो कीरनी भूवा बहाई आरती ओ वीणजारा जी
काई बेनड लूण उतार नवल वीणजारा जी
ए तो भूवा रे अगड गढावसा ओ वीणजारा ली
काई बेवड ने चून्दडयां ओढाय असल वीणजारा जी
ए तो अवे ले मायड वाचणा ओ वीणजारा जी
काई जोडी तो उबी घर रे बार नवल वीणजाराजी
ततो तो उठो माता जी वेठो दलीयणो वीणजाराजी
काई सायदण चांपे थारा पांव असल वीणजारा जी
ए तो जारी तो नहीं जालेता जात ओ वीणजाराजी
काई जारी तो परण्या धीव नवल वीणजाराजी
ए तो ज्यारी तो नहीं खावता छाछा ओ वीणजारा
काई जारो तो पोर्धो दूध असल वीणजारा जी

306 घोडी
घोडी नाचे राज कूदेती घण चोरत करे
बनारा बाबोसा राज घोडी रो मोल करे
बनारा काकोसा राज घोडी री मोल करे
बनारा माता ओ राज घोडी रा जतन करे
भर भर मुठेडी हाथ अंगुठडी
केसरीयां-बनासा उपर लुण करे
घोडी नाचे राज कूदेती घण चीरत करे
बनारा वीरोसा राज घोडी रो मोल करे
बनारा मामोसा राज घोडी रो मोल करे
बनारा भाभी ओ राज घोडी रो जनत करे
बनारा मामीसा ओ राज घोडी रो जतन करे
भर भर मुठेडी हाथ अंगुठडी
केसरीयां-बनासा उपर लुण करे
घोडी नाचे राचे राज कूदेती घण चीरत करे
बनारा भूरोसा राज घोडी रो मोल
बनारा वेनोसा राज घोडी रो मोल करे
बनारा मामोसा रजा घोडी रो मोल करे
बनारी भूवा ओ राज घोडी रा जतन करे
बनारी मामी ओ राज घोडी रा जतन करे
भर भर मूठेडी हाथ अंगूठडी
केसरीया बनासा उपर लूण करे

304 घोडी
घोडी हालनीये घोयी चालनीये
अपना बाबोसा रे घरे चाला
अपना कोकासो रे घरे चाला
दने घालो घोलो दूथ पीवाडु
थने पीली पील बाल जाबाबु
दने हरी हरी द्रोब चूबाथने राती पीली झूल ओढावू
सीरदार बनासारी उमराव बनासा
घोडी रो मोल सवाय चोराजली रो मोल सवायो
घोडी हालनीये घोडी चालनीये
अपना वीरोसा रे घर चाला
घोडी हालनीये घोडी चाले नीये
अपना मामोसा रे घरे चाला
अपना भूरोसा रे घरे चाला
थने घोलो घोल दूध पीवाडु
थने पीली पील दाल चबावू
थने हरी हरी द्रोब चरावू
थने राती पीलो झूल ओढावू
सीरदार बना उमराव बनासांरी
घोडी मोल सवामो चीरजाली रो मोल सनायो

305 बडी घोडी
घोडी घडासू उतरी जी बना
सात कंवर सीरह फूल।।नवासेर
।।जंगी खूब बन्या जी बना
एकू णसा घोडी मोलवे जी बना
काकासो घोडी मोकावे जी बना
ए कुणसा खरचेला दाम।।नब नेसर जंगी।।
बाबोसा घोडी सोलावे जी बना
काकोसा खरचेला दाम।।नव सेर।।
बीचमे वीरोसा ले आया जी बना
आ तो घोडी मारे वीरो सारी जोग।।नव।।
घोडी तो भले लाव्या जी बना
आ तो अबे ठाण बन्धाय।।नव
ए कूणसा ठाण बन्धावसी जी बनरा
ए ऊणूसा खूबारो फेराय।।नव।।
ए तो भूरोसा ठाण बन्धावसीजी बना
ए तो बेनोसा खूवारो फेराय।।नव।।
ए कूणसा दूध पीलावसी जी बना
एतो कूणसा नीरे नागर बेल।।नव।।
ए भूरोसा दूध पीलावली जी बना
बेनोस नीरे नागर वेल।।नव।।
ए तो माथे तो मीण्डो मेण री जी बना
तीजन तीलक लीलाड।।नव।।
हीरा जडीयो ताजणओ जी बना
लाला जडी रे लगाम।।नव।।
आगलडा खूर बाजण जी बना
पाछलडा झीणकार।।नव।।
घोडी तो भले सीणगारयजा बी बना
अबे बनडो सीणगार।।नव।।
पेचो तो सोहे केसरीयां जी बना
बूरा तो अधीकार।।नव।।
डोरो तो सोवे नवलडयो जी
कण्ठा रो अधीकार।।नव।।
घडीयां बनासा रे सोवतो जीवना
पठा रो अधीकार।।नव।।
अंगुठी बनासा रे सोबती जी बना
थला रो अधीकार।।नव।।
जामा बनासा रे केसरीयाजी बना
कसगा लाल गुलाल।।नव।।
सूरतना बनासा रे सोवनीजी बना
नाडो रेसम डोर।।नव।।
पांव लाखीनी भोतडी जी बना
मेन्दी राता पाना।।नव।।
कडीयां राता।।नव।।
सूवटडी तलवार।।नव।।
बनडा तो भले सीणगारयां जी बना
अब जाव्या सीणगारा।।नव।।
आधा तो जानी केसरयां जी बना
जाधा लाल गुलाल।।नव।।
जानी तो भले सीणगारयां जी बना
अबे जाननीयां सीणगार।।नव।।
माथो जी धोयो मेठ सु जी बन
चोपडाय तेल फूलेल।।नव।।
गूम गूमालो पेर्यो घाघरो जी बना
ओढण दिकणी रो चीर नव।।नव।।
जाणतीयो तो भले सीणगारया जी नव
अब रतड रो सीणगार।।नव।।
ऊची नीची झतया ढलकन्ती जी बना
रातो पीली झूल ओढाय नव
रतडो तो सीणगाराय जी नव
अबे बेल्या सीणगार नव
देय नगारो चढ गया जी बना
साने (बाबोसा) नाम राशी नव
जाय उतया हरीया बाग मे जी बना
पडेरे नगारी ठोर नव
आगे व्याईसा उर पडया जी बना
सगली (जात) की जान नव
व्याही तो घर माय गुस गया जी बना
ब्यायण करे रे (ज्वार) जबाव नव
गाडा मे लाया खीचडी जी बना
नीलया मे लाया रूपया रोक नव
खासा खरचसा गाठ की जी बना
खासा (सनारी) व्यावायारी शोभा नव
थरे बीन्द राजा सासरे जी बना
लेसा दूवड भात नव
दोय सीरा दोय लापसी जी बना
असल जलबीया री भात नव
थारे वीन्द राजा सासरे जी बना
ललेसा शोले वेश नव
दोय सीणीया सावटू जी बना
असल चुप्दडीया रा वेश नव
चारू तो दुकडीया डायजे जी बना
देव गडयो बड थाल नव
पडेरे नगारा री ठोर नव
करोनी भूवा बाई आरती जी बना
बेनड लुण उतर नप
भुवा रे अगड गढावसा जी बना
बेनड चून्दडलया ओठाव नव
अबे ले मायड बारणा जी बना
जोती तो ऊबी घर रे बार
बेठो माताजी चणो जी बना
सायदण चापे थारा पाव नव
नवसेर चगी खूब बन्या जी बना

306 बधाओ
समदरीया में साचा मोती निपजे
सोवे सूसरोसा रे कानो बधावो मारे आव्यो
मोती जी पेर गोरवा बेठ्या
देखो सावगण थारो बाग बधावो आरे आव्यो
बाग भलो घे जी मारा सासुजी
जाय जाया सूसरोसा रा पूत बधावो
समदरीया मे साचा मोती निपजे
सोवे जेयठ सा रे कानो बदावो
मोती जी पेर गोरवा बेठआ
देखो सवागण थारो बाग बधावो
बाग बले धे जी मारा सासूजी
जा जाय सूसरोसा रा पूत बधावो

307 बधावो
कोठा जी उपर काँगरा जठे मेल चूणाय
मल चूणावे मीठा राजवी जठे जाल्या रखाय
झाल्या झोखवे मीठा राजवी जठे दिबलो उजेला
दिवोल उझेला मारी दासीया जठे सेज बिधाय
सेज विधावे मारी दासीया जठे धाबा सूसरोसा रा
पोढ्या सायदण ढोले घेवर ढोल ढोलन्ता यु कयो
क्षमी लउबीजी बार चोधणी लक्षमी सीग चढे
अन धन होसी जी गार चार चार बवा मारे आवती
लूल लूल लागती पाय इसडा बधावो मे तो जानती
धीवज जीणयी जी चार चार जम ई मारे आवता
डोढया करता च्वार

308 बधावो
बधावो जी राजा बधावो बहु घर आई
सीयाला री रूत आयी धरत साल्या मे सेज बीधाई
चन्दा बदी पोढण आयी
लकपतीया जी हीवडे लगाई
वेण डाबी डाबी बगल चपाया
वेरी मोरा सु मूठ भरायी
बधावो जी राजा बधावो व वहूधार आई
उनालारी रुत आयी झरोसा मे सेज बीधाई
चन्दा बदनी पोढण आयी
लकपतीया जी हीवडे लगाई
वेण डाबी डाबी बगल चपायी
ह्यरी छाबा सू मूठ भरायी
बारी गीगा सु गोद थरायी

309 बधावो
आरी सायदण कागद मोल्बयो
घर आवो सासूजी रा पुत के
(रंग रा बधावो मारे आव्यो)
घर आवो बाईसा रा पुग के।।रंग।।
गोरी में किकर आवा एकला
मारे साथे राजोसारी फोज।।रंग।।
फोज उतारू हरीयां बाग में
सायब आप उतरो रंग महल।।रंग।।
सायब फो जी मावू जकमा चूरमो
सायब आप जीमनो चांवल दाल।।रंग।।
इसडा बधावो में तो जानती
मेलती सूसरोसा री पोल
इसडा बधावा में तो जानती
मेलती जेयठ सा री पोल
(ईस तरह दूसरी बार भी कहना)

310 बधावो
चालोए सहेल्या अपा वागामे चाला तो
छोका छोका फूलडा तोडा ये
सखी रंग रो बधावो रंग रस रो बधावो
मारा सासूजी रा जाया मारा बाईसा रा वीरा
फूलडा तोड ने सभी सखी कायण करसो
छोका छोका गजरा गूँथ ये
सखी रंग रो बधावो रंग री रस रो बधावो
मारा सासूजी रा जाया मारा बाईसा रा वीरा
मारी सेजा रा सवाया सायब नीत नवाजी
गजरा गुंथर सखी कायण करसो
गोरे गोरे पूणचे बान्धा ये।।सखी रंग रो।।
गजरा पेपर सखी कायण करोस
अलीजा रे मेल पधारा ये।।सखी रंग रो।।
मेल पधार सखी कायण करसो
अलीजा ने वेठ रीझांसा ये।सखी रंग रो।।
मारी सेजा रा सवायां सायब नीत नवा जी
अलीजा रे लसाथे रमता ये।।सखी रंग रो।।

311 बधावो
आज शङर मे सूनी अनोखी बात
अजी सून अनोखी बात
सीलवट रो बेठो बापरयो जी मारा राज
बधजो शीलबट थारडो ी वेल ओजी कई थारडी बेल
अनोखा माल्या थे चूणीयां जी मारा राज
मेला पोजे दादोसा (नाम) नार छजा पर सूरज
उगीयो जी मारा राज छजा पर चाद पवासीजो ।।मा।।
आज शहर मे सूनी अनोखी बात सूनी अनोखी बात
खाती रो बेठो वापरीयो जी मारा राज
बधजो खाती थारोडी वेलोजी कई थारोडी वेल
अनोखा पीलंग थे घदीयां जी मारा राज
पीलंग पोडे (बाबोसा) री ना नार इसा पर सूरज उगीयो।।मा।।
पगात्ये चान्द पवासीयो जी मारा राज
आज शहर में सूनी अनोसी बात सूनी अनोखी बात
तम्बोली रो बेठो वापरीयो जी मारा राज
बधजो तम्बोली थारोडी वेल ओजी कई थारीडी वेल
अनोखा बिडला थे बान्ध्या जी मारा राज
बौडला चाबे काकोसी री नार होठा पर सूरज उगीयोजी मारा
हखडा पर चांद पवासीयो जी मारा राज
आज शहर में सूनी अनोखी बात सूनी अनोखी बात
कन्दोई री बेठो वापरीयो जी मारा राज
बधजो कन्दोई थारोडी वेल ओजी काई थारोडी वेल
अनोखी मीठाई थे छांठी जी मारा राज
मीठाई जीमे विरोसा री नार मूखडा पर सूर उगीयो जी मारा राज
गाला पर पर चन्द पवासीया जी मारा राज
आज शहर मे सूणी अनोखी बात सूनी अनोखी बात
तेलीडारो बेठो वापरयो जी मारा राज
बधजो तेलो थारोडी वेल ओजी कई थारोडी वेल
अनोखा तेल थे गालीयो जी मारा राज
दिवसे रीजे विन्दराजा रोमांय ओजी वीदोली री मांय
दिवरा पर सूरज उगीयो जी मारा राज
ज्योती पर पवासीयो जा मारा राज
आज शहर में सूनी अनोखी बात सूनी अनोखी बात
बजाजी रो बेठो वापरयो जी मारा राज
बधजो बजाजी थारो डो वेल ओजी कई थारोडी बेल
अनोखी चून्दर ते छाप्या जी मारा राज
चून्दड ओढे बूवा बाई रो साथ ओजी
काई बेनडल्यां रो साथ घूघब पर सूरज उगीयो जी
मारा राज चूडला पर चाँद पसासीयो जी मारा राज

312 बधाओ
इण मद्रा गढ रे सी कूवा बावडी
इण बावडीयाँ रो नीरमल नीरो के
(कूण जाणो लाल बन्धावणा)
कीणासारे सोबे मेंडी माल्यां
कीणआसारे सोवे चंचल नारो के।।कूण।।
सूसरोसा रे सोवे मेडी माल्याँ
जेयठ सारे सोवे चंचल नारो के कूण
जेयठ सारे सोवे मेडी माल्यां
सायब जी रे चंचल नार के ।।कूण।।
ये रंग मेंला मे पालणो ढोले
इण पालण्या मे पोडे लाडण पूत के
मे फीरना तो गीरता बाई आ आव्या
भावज थारा मेला में घेवर बास के।।कूण।।
बाईसा थारा वीरोसा गढ डा राजवी
वे नीतकी छाबा लावे चार के।।कूण।।
बाईसा थारा वीरोसा गढ रा राजवी
के नीत की गढावे नवसर हारो के कूण।कूण।।
(ईस तरह दूसरी बार भी कहना)

313 बधावो
पान सुपारी वेल ज उगीयां जी
उग्या है तीज तीज तेवार।।बधावो मारे आव्योजी
दूरा देशा लली बाई रो सासरो
दूरा देश चम्पा बाई रो सासरो
कीसन वारी लबा ने जाय।।बधावो।।
मोती वीरो लेवाने जाय।।बधावो।।
य तो मीलीयां है भाई ने बेन।।बधाबो।।
घणा ने कोडा सु मोलीया आज।।बधावो।।
पांव दलीयां री रान्धु लापसी जी
नीबत जीमावू मारो वीर।।
बधावो मारे आत्यो जी।।

314 बधावो
पेलो बधावो मारे घरे आव्यो
सूसरासो बधायो सा
सूसरोसा बधायो मारा सासूजी झोल्या झेल्यो सा
दूजो बधावो मारे घरे आयो जेयठ सा बधायो सा
जेयठ सा बधायो मरा जेठाणी झील्या झील्या सा
दोय दोय दिबला हाथा में बुटापो आयो बाता में
दिवला ठांको मेला में जेयठ सा खेले बागा में
इगिण्यो बधावो मारे घरे आयो सायबाजी बधायोजी
चोथो बधावो मारे घरे आयो देवर सा बधायो सा
सायबजी बधायो वारी घोरी झोल्यो झेल्यो सा

315 भाई ठीक रो गीत
ओ जी गढ़ तीलडी रो सोनी मंगाय दो
उजल गढ रो रूपो
ओ जी जूना गढ रो सोनीडो बूलाय दो
पाली गढरी चुनीया (ककर) मगाय दो
ठीको बेठ गढाय दो ओ जी सात रुपया लीधा
सासूजी रे पगह लागण चाली
ओ जी पाव लागता सासुजी बोल्या
काई ये भांवड थारा बाप गढायो
काई ये मायार में आयो
ओजी नही ओ सासुजी मारा धाप गढायो
नही मूसालो में आयो
ओ जी सासूजी रो सच्यो ने सूसरो जी कमायो
बाईसा रा वीरा (बेठ) गडायो
ओ जी ठीको तो पेरने बाईसा रे चाली
बाईसा मूसा बोल्या
काई ये भांवज थारा बाप गढायो
काई मूसाला में आयो
ओ जी नहीं ओ बाईजा मारा वीर गढायो
नहीं ओ मूसाला में आयो
ओजी सासूजी रो संच्यो ने
सूसरोसा कमायो बाईसा रा वीर गढायो।
तपस्या रो गीत
सूसरोसा केवन्ता में सूणीयोजी
बहु थासु तेली नहीं होय।।शासन माता शत दियोजी।।
जेठ केवन्ता में सुणीयोजी, बहु थासु अठा ी नहीं होय।।शासन।।
थेई सूसरोसा देखलो हो, अठाई नहीं होय।।शाशन।।
थेई सूसरोसा देखलो हो,
अठाई मारी चढी रे निर्वाण।।शासन।।
देवरसा केवन्ता मे सुणीयोजी,
भावज थासु इग्यारे नहीं होय।।शासन।।
थई सायबजी (देवर) देखलो हो,
15 मारा चढीयां नीर्वाण।।शासन।।
बाबोसा केवन्ता में सुणीयो हो,
घीवड बास नहीं होय।।शासन।।
काकोसा केवन्त में सुणीयो हो,
भतींजी सू तेलो नहीं होय।।शासन।।
थई बाबोसा देखलो हो,
पांच पांच मारा चढीयां नीर्वाण।।शासन।।
(इसी तरह सभी के नाम लेना)

नवरंगी जाजम
नवरंगी जाजम ढालो रे भई आज मारे आंगणीये
पचरंगी जाजम ढालो रे भई आज मारे आंगणीये
सतगुरू सा ने वेगा बूलावो रे भई आज मारे आंगणीये
ज्ञानीगुरूसा ने वेगा बूलाओ रे घई आज मारे आंगणीये
बाया ने तपस्या पचखावो रे भई आज मारे आंगणीये
चोकडती जायम ढालो रे भई आज मारे आंगणीये
नवरंगी जाजम ढालो रे भई आज मारे आंगणीये
सूसरोसा ने वेग बूलावो रे भई आज मारे आंगणीये
काकोसा ने वेगा बूलावो रे भई आज मारे आंगणीये
बहु ने पांच पचखाओ रे भई आज मारे आंगणीये
नारेला री चोई दिरावो रें भई आज मारे आंगणीये
मीसरी री चोई दिरावो रे भई आज मारे आंगणीये
जेयठसा ने वेगा बूलावो रे भई आज मारे आंगणीये
सायब जी ने वेगा बूलावो रे भई आज मारे आंगणीये
बहू ने (गोरी) अठाई पचखावो रे भई आज मारे आँगणीये
बाठकीयां (गीलासी) री चोई दिरावो रे.....

 

आगे रा गीत 1 2 3 4 5 6 7 8 9

 आपाणो राजस्थान
Download Hindi Fonts

राजस्थानी भाषा नें
मान्यता वास्ते प्रयास
राजस्तानी संघर्ष समिति
प्रेस नोट्स
स्वामी विवेकानद
अन्य
ओळख द्वैमासिक
कल्चर साप्ताहिक
कानिया मानिया कुर्र त्रैमासिक
गणपत
गवरजा मासिक
गुणज्ञान
चौकसी पाक्षिक
जलते दीप दैनिक
जागती जोत मासिक
जय श्री बालाजी
झुणझुणीयो
टाबर टोली पाक्षिक
तनिमा मासिक
तुमुल तुफानी साप्ताहिक
देस-दिसावर मासिक
नैणसी मासिक
नेगचार
प्रभात केसरी साप्ताहिक
बाल वाटिका मासिक
बिणजारो
माणक मासिक
मायड रो हेलो
युगपक्ष दैनिक
राजस्थली त्रैमासिक
राजस्थान उद्घोष
राजस्थानी गंगा त्रैमासिक
राजस्थानी चिराग
राष्ट्रोत्थान सार पाक्षिक लाडली भैंण
लूर
लोकमत दैनिक
वरदा
समाचार सफर पाक्षिक
सूरतगढ़ टाईम्स पाक्षिक
शेखावटी बोध
महिमा भीखण री

पर्यावरण
पानी रो उपयोग
भवन निर्माण कला
नया विज्ञान नई टेक्नोलोजी
विकास की सम्भावनाएं
इतिहास
राजनीति
विज्ञान
शिक्षा में योगदान
भारत रा युद्धा में राजस्थान रो योगदान
खानपान
प्रसिद्ध मिठाईयां
मौसम रे अनुसार खान -पान
विश्वविद्यालय
इंजिन्यिरिग कालेज
शिक्षा बोर्ड
प्राथमिक शिक्षा
राजस्थानी फिल्मा
हिन्दी फिल्मा में राजस्थान रो योगदान

सेटेलाइट ऊ लीदो थको
राजस्थान रो फोटो

राजस्थान रा सूरमा
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
आप भला तो जगभलो नीतरं भलो न कोय ।

आस रे थांबे आसमान टिक्योडो ।

आपाणो राजस्थान
अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अ: क ख ग घ च छ  ज झ ञ ट ठ ड ढ़ ण त थ द ध न प फ ब भ म य र ल वश ष स ह ळ क्ष त्र ज्ञ

साइट रा सर्जन कर्ता:

ज्ञान गंगा ऑनलाइन
डा. सुरेन्द्र सिंह पोखरणा, बी-71 पृथ्वी टावर, जोधपुर चार रास्ता, अहमदाबाद-380015,
फ़ोन न.-26925850, मोबाईल- 09825646519, ई-मेल--sspokharna15@yahoo.com

हाई-टेक आऊट सोर्सिंग सर्विसेज
अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्षर् समिति
राजस्थानी मोटियार परिषद
राजस्थानी महिला परिषद
राजस्थानी चिन्तन परिषद
राजस्थानी खेल परिषद

हाई-टेक हाऊस, विमूर्ति कोम्पलेक्स के पीछे, हरेश दुधीया के पास, गुरुकुल, अहमदाबाद - 380052
फोन न.:- 079-40003000 ई-मेल:- info@hitechos.com